प्रणब मुखर्जी आज बजट पेश करेंगे

  • 6 जुलाई 2009
प्रणब मुखर्जी
Image caption वित्त मंत्री को आर्थिक मंदी और बजट घाटे के बीच संतुलन साधना है

आर्थिक मंदी और लोगों की उम्मीदों के बीच सोमवार को वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी लोकसभा में बजट पेश करेंगे.

वो 25 साल बाद एक बार फिर आम बजट पेश करने जा रहे हैं.

इससे पहले वो इंदिरा गांधी सरकार में वित्त मंत्री के रूप में 1982 से 1984 तक तीन बजट पेश कर चुके हैं.

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के पहले कार्यकाल के अंतिम दिनों में पी चिदबंरम को वित्त मंत्री की जगह गृह मंत्री बना दिए जाने के बाद प्रणब मुखर्जी को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था.

तब उन्होंने 16 फरवरी, 2009 को अंतरिम बजट पेश किया था.

चुनाव के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी सरकार की दूसरे कार्यकाल में प्रणब मुखर्जी को वित्त मंत्रालय का पूर्ण प्रभार सौंप दिया था.

लोकसभा में 16 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में मुखर्जी ने कहा था, "असाधारण आर्थिक परिस्थितियों की मांग असाधारण क़दम उठाने की है."

उन्होंने कहा था कि नई सरकार पूर्ण बजट में अतिरिक्त वित्तीय कदम उठाने के बारे में सोच सकेगी.

प्रेक्षकों का कहना है कि प्रणब मुखर्जी के सामने अपनी कही गई बातों को मूर्तरुप देने की चुनौती है.

इधर पिछले वित्त वर्ष में 6.7 फीसदी की विकास दर को लेकर चिंता जताई जा रही है क्योंकि पिछले तीन वर्षो में देश के विकास की दर औसत नौ फीसदी रही है.

वित्त मंत्री के सामने एक और चुनौती है. दरअसल, पिछले साल बजट घाटा बढ़कर छह फ़ीसदी तक पहुँच गया है जो कि वर्ष 2007-08 में 2.7 फ़ीसदी था.

लेकिन मुद्रास्फीति की कम दर उन्हें थोड़ी राहत पहुँचा सकती है.

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