एक साल में नौकरियां बढ़ेंगी

पंक्ति में खड़े लोग
Image caption भारत में मंदी की मार अमरीका और यूरोप के मामले में कम रही लेकिन नौकरियां भारत में गई हैं.

एक जानी मानी कंपनी के सर्वक्षण के अनुसार पिछले साल की मंदी के बाद भारत में अगले एक साल में नौकरियों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है.

एडलवाइज़ सिक्योरिटीज़ ने पूरे भारत में रिक्रूटमेंट एजेंटों के बीच किए गए एक सर्वक्षण के बाद यह नतीज़ा निकाला है.

सर्वे के अनुसार पचास प्रतिशत से अधिक लोगों का मानना है कि आने वाले तीन महीनों में स्थिति बेहतर हो जाएगी जिसके बाद अगले कुछ समय में नौकरियों की संभावना बढ़ेगी.

सर्वे का कहना है कि अगले तीन से चार महीनों में स्थिति में कोई व्यापक बदलाव नहीं होगा लेकिन कम से कम स्थिति ऐसी हो जाएगी कि नौकरियों में स्थायित्व आ जाएगा.

क़रीब 69 प्रतिशत लोगों ने माना है कि पिछले एक साल में बेरोज़गारों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है जिसमें सबसे कम प्रभाव सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र पर पड़ा है.

ऐसा माना जा रहा है कि अगले कुछ महीनों में रियल एस्टेट में स्थिति बेहतर होंगी जिससे नौकरियों में भी बढोतरी हो सकेगी.

सर्वे कहता है, '' अब नौकरियों में स्थायित्व आ रहा है. नौकरियां जानी कम हो रही हैं. तीन महीने तक स्थिति सामान्य हो जाएगी और फिर स्थित बेहतर हो सकेगी.''

मुंबई के रिक्रूटमेंट एजेंटों में से अधिकतर ने माना कि आने वाले साल में नौकरियों की संभावना बेहतर होगी जबकि दिल्ली और आस पास के क्षेत्रों में करीब साठ फीसद लोगों का मानना था कि परिस्थितियां बदल रही हैं.

बेंगलुरु में 80 प्रतिशत लोगों का कहना था कि आने वाले समय में बैंकिंग, वित्त और इंश्योरेंस सेक्टर में नौकरियों के बढ़ने की संभावना है. एक अन्य मेट्रो चेन्नई में लोगों का आईटी सेक्टर में अभी भी पूरा विश्वास बना हुआ है.