एयर इंडिया में जल्द बदलाव

एयर इंडिया
Image caption पिछले कुछ समय से एयर इंडिया आर्थिक संकट में फंसी हुई है

वित्तीय संकट में फँसे सरकारी उपक्रम एयर इंडिया की हालत दुरुस्त करने के लिए सरकार ने सख़्त क़दम उठाने का निर्णय किया है.

सरकार के मुताबिक़ इस राष्ट्रीय एयर लाइन के प्रबंध तंत्र में 30 दिन में भारी फेरबदल किया जाएगा.

इसके अलावा सरकार ने निकट भविष्य में कंपनी की कुछ हिस्सेदारी बेचने की भी घोषणा की है.

नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने मंगलवार को संसद में बताया कि एयर इंडिया के प्रबंधन में शीर्ष स्तर पर बड़े बदलाव किए जा रहे हैं और ये बदलाव 30 दिन के भीतर दिखेंगे.

उनका कहना था कि बोर्ड में बड़ा रद्दोबदल होगा और इस क्रम में कुछ लोगों की छुट्टी भी की जा सकती है.

बदलाव

प्रफुल्ल पटेल का कहना था कि प्रबंध तंत्र में ऐसे लोगों को चुना जाएगा जो ईमानदार और प्रतिष्ठित होंगे.

उनका कहना था कि इस सरकारी एयरलाइन में सरकार निकट भविष्य में विनिवेश भी करेगी और उन्होंने विश्वास जताया कि दो साल के भीतर एयर इंडिया की हालत ठीक हो जाएगी.

कुछ समय पहले ही प्रफुल्ल पटेल ने कहा था कि एयर इंडिया की वित्तीय स्थिति सुधरने और बाज़ार में स्थिरता आने के बाद इसका सार्वजनिक शेयर निर्गम (आईपीओ) लाया जा सकता है.

प्रफुल्ल पटेल का मानना है कि एयर इंडिया का घाटा मुख्य रूप से परिचालन खर्च के ऊँचा होने के कारण है.

साथ ही वैश्वक मंदी के कारण यात्रियों की संख्या में आई गिरावट से ये घाटा और भी बढ़ गया.

पिछले साल पेट्रोलियम कीमतों में उछाल से भी विमानन क्षेत्र को बड़ी वित्तीय मार पड़ी थी.

अनुमान है कि एयर इंडिया को पिछले साल क़रीब पाँच हज़ार करोड़ रुपए का घाटा हुआ है.

प्रफुल्ल पटेल की इस घोषणा के बाद माना जा रहा है कि एयर इंडिया के निदेशक मंडल में कम से कम सात स्वतंत्र निदेशक शामिल किए जाएँगे.

इसके मुख्य संचालन अधिकारी के चुनाव के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विज्ञापन भी जारी किया जा सकता है, फिलहाल कंपनी में यह पद नहीं है.

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