राजू के लाई डिटेक्टर टेस्ट की अनुमित

हैदराबाद की एक स्थानीय अदालत ने सीबीआई को अनुमति दे दी है कि वो सत्यम कंप्यूटर के संस्थाक रामलिंगा राजू का लाई डिटेक्टर और ब्रेन मैपिंग टेस्ट कर सकती है.

राजू के अलावा उनके भाई रामा राजू और सत्यम के पूर्व सीएफ़ओ वी श्रीनिवास का परीक्षण करने की इजाज़त भी सीबीआई को मिल गई है ताकि सत्यम घोटाले से जुड़े तथ्य पता लगाए जा सकें.

सीबीआई ने 24 मार्च को एक याचिका दायर की थी जिनमें ये परीक्षण करने के लिए अदालत की अनुमति माँगी गई थी.

सत्यम घोटाला सामने आने के बाद रामलिंगा राजू को जनवरी में गिरफ्तार किया गया था.रामलिंगा राजू ने कंपनी के खातों में हेराफेरी और मुनाफ़े को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की बात स्वीकार की थी जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई.

सात जनवरी, 2009 को बी रामलिंगा राजू ने कंपनी में 7800 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी स्वीकार करते हुए इस्तीफ़ा दे दिया था. इसके बाद केंद्र सरकार ने कंपनी का बोर्ड भंग कर दिया था.

इसके कुछ दिन बाद प्राइस वाटरहाउसकूपर्स के दो ऑडिटर्स को भी हिरासत में ले लिया गया था.

पिछले महीने सत्यम कंप्यूटर्स को टेक महिंद्रा ने ख़रीद लिया था.

घोटाले की जांच कर रही सीबीआई का मानना है कि राजू ने लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का घोटाला किया है.

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