पोर्श पर नियंत्रण में लगा वॉक्सवैगन

कार बनाने वाली यूरोप की सबसे बड़ी कंपनी वॉक्सवैगन ने स्पोर्ट्स कार बनाने वाली प्रतिद्वंद्वी कंपनी पोर्श पर नियंत्रण की तैयारी कर रही है.

Image caption ब्रांड के रूप में पोर्श की पहचान बनी रहेगी

कंपनी ने अपनी इस योजना के बारे में जानकारी दी है. वॉक्सवैगन का कहना है कि कंपनी का बोर्ड इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पोर्श के साथ बातचीत करेगा.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अपनी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी कंपनी को ख़रीदने की पोर्श की नाकाम कोशिश के बाद वॉक्सवैगन की ओर से यह तैयारी शुरू हुई है.

इस नाकाम कोशिश के कारण पोर्श भारी कर्ज़ के तले दब गई थी और कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को अपना पद भी गँवाना पड़ा था.

संघर्ष

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ दो बोर्डों के बीच सत्ता को लेकर चलने वाली खींचतान और पोर्श पर नियंत्रण करने वाले दो परिवारों के बीच संघर्ष के कारण ये स्थिति आई है.

वॉक्सवैगन की योजना के मुताबिक़ एक ब्रांड के रूप में पोर्श की अलग पहचान बनी रहेगी लेकिन इस पर नियंत्रण वॉक्सवैगन का होगा.

वॉक्सवैगन कार बनाने वाली यूरोप की सबसे बड़ी कंपनी है. इसके मुक़ाबले पोर्श बहुत छोटी कंपनी है लेकिन स्पोर्ट्स कार बनाने में पोर्श को महारत है.

इन दोनों कंपनियों में एक समान बात है और वो ये कि जाने-माने इंजीनियर फ़र्डिनैंड पोर्श ने दोनों कंपनियों की स्थापना की थी. फ़र्डिनैंड पोर्श ने ही वॉक्सवैगन बीटल का डिज़ाइन तैयार किया था.

अब भी दोनों कंपनियों के बीच मज़बूत कड़ी क़ायम है. वॉक्सवैगन के चेयरमैन फ़र्डिनैंड पीच पोर्श के सबसे बड़े शेयरधारकों में से एक हैं.

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