मंदी में भी बैंकों ने बाँटे बोनस

  • 31 जुलाई 2009

न्यूयॉर्क के एटॉर्नी जनरल की एक रिपोर्ट में कहा गया है पिछले साल आर्थिक सहायता लेने वाले कुछ बैंकों ने अपने अधिकारियों को 30 अरब डॉलर से अधिक के बोनस बाँटे हैं.

Image caption सीटी ग्रुप ने दस लाख डॉलर से अधिक बोनस बाँटा था

और बोनस बाँटते हुए उनके प्रदर्शन को ध्यान में भी नहीं रखा गया है.

'हेड्स आई विन, टेल्स यू लूज़' यानी 'चित्त मैं जीता, पट तुम हारे' शीर्षक से प्रकाशित इस रिपोर्ट में उन नौ बैंकों का अध्ययन किया गया है जिन्होंने आर्थिक मंदी के बाद अमरीकी सरकार से आर्थक मदद हासिल की थी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई बैंकों में तो बोनस के रुप में बाँटी गई कुल रकम कंपनी को होने वाले फ़ायदे से भी अधिक है. इनमें कई बैंक ऐसे भी हैं जिन्हें घाटे का सामना करना पड़ा था.

उदाहरण के तौर पर सिटीग्रुप को पिछले साल 27 अरब डॉलर का नुक़सान हुआ था लेकिन उसने अपने 738 कर्मचारियों को दस लाख डॉलर की राशि बोनस के रुप में बाँटी है.

इसी तरह से मैरिल लिंच को भी पिछले साल नुक़सान उठाना पड़ा था लेकिन उसने भी सात सौ कर्मचारियों में 10 लाख डॉलर की राशि बोनस के रुप में बाँटी है.

एटॉर्नी जनरल एंड्र्यू क्यूमो ने अपनी रिपोर्ट में बैंकों की गतिविधियों पर नज़र रखने की सलाह देते हुए कहा है कि बोनस और कामकाज में प्रदर्शन का कोई ताल्लुक ही नहीं दिखता.

उल्लेखनीय है कि सरकार वित्त विभाग ने एक अधिकारी की नियु्क्ति कर रखी है, जिसकी ज़िम्मेदारी है कि वह उन बैंकों के खर्चों पर नजर रखे जिन्होंने सरकारी सहायता ले रखी है.

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