बैकों में दो दिनों की हड़ताल

वेतन में बढ़ोत्तरी और दूसरी मांगों को लेकर भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारी गुरुवार से दो दिनों की हड़ताल पर रहेंगे.

Image caption बैंकों ने कहा है कि एटीएम काम करते रहेंगे

इससे देश भर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की 60 हज़ार शाख़ाओं में कामकाज प्रभावित होने के आसार हैं.

बैंक कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि इस हड़ताल में देश भर के दस लाख बैंक कर्मचारी शामिल हो रहे हैं.

भारत में बैंकिंग कारोबार के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कब्ज़ा है.

समाचार एजेंसियों के अनुसार बुधवार को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और यूनाइटेड फ़ोरम ऑफ़ बैंक यूनियन्स (यूएफ़बीयू) के बीच बातचीत विफल हो गई थी.

यूएफ़बीयू के एक पदाधिकारी सीएच वेंकटचलम ने कहा, "आईबीए ने वेतनवृद्धि को 17.5 प्रतिशत से घटाकर 13 प्रतिशत कर दिया है, जो हमें मंज़ूर नहीं, और हम हड़ताल पर जा रहे हैं."

उनका कहना था कि पहले बैंकों ने हामी भरी थी कि वे उन कर्मचारियों को भी पेंशन योजना में शामिल कर लेंगे जो इस समय पीएफ़ योजना में हैं, लेकिन अब वे इस वादे से भी नट रहे हैं.

यूएफ़बीयू बैंक कर्मचारी यूनियनों की संस्था है जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक और विदेशी बैंकों की यूनियनें शामिल हैं.

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