जापान आर्थिक मंदी से बाहर

  • 17 अगस्त 2009

जापान आधिकारिक रूप से मंदी से बाहर आ गया है. ताज़ा आर्थिक आँकड़ों के मुताबिक़ पिछले तीन महीनों के दौरान उसकी अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है.

Image caption जापान सरकार ने कई आर्थिक पैकेज दिए थे

पिछली तिमाही (अप्रैल से जून) में जापान की आर्थिक विकास दर एक प्रतिशत से थोड़ा नीचे थी. जापान की अर्थव्यवस्था को लेकर पिछले पंद्रह महीने में ये पहला सकारात्मक संकेत है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यह उपभोक्ताओं को ख़र्च के लिए बढ़ावा देने के सरकार के आर्थिक पैकेज का नतीजा है.

चीन में लगातार हो रही आर्थिक प्रगति से भी जापान को फ़ायदा मिला है. लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ये स्पष्ट नहीं है कि सकारात्मक रुख़ कायम रहेगा या नहीं.

जापान की अर्थव्यवस्था विश्व की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है. लेकिन पिछले एक साल से लगातार अर्थव्यवस्था में गिरावट आ रही थी.

आँकड़े

हाल के आँकड़े ये भी दिखाते हैं कि जर्मनी, फ़्रांस और हांगकांग जैसे अन्य देश भी मंदी से बाहर आ रहे हैं. इससे ये अंदाज़ा हो रहा है कि विश्वव्यापी आर्थिक मंदी कम हो रही है.

ताज़ा आँकड़ों के बावजूद जापानी स्टॉक एक्सचेंज के सूचकांक निक्केई पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ा है. शुरुआती आँकड़ों के मुताबिक़ निक्केई में दो फ़ीसदी की गिरावट आई है.

सोमवार को जापान के कैबिनेट कार्यालय की ओर से जारी आँकड़ों की मानें तो अगर अर्थव्यवस्था में बढ़ोत्तरी का ये दौर पूरे एक साल जारी रहा तो जापान की अर्थव्यवस्था में 3.7 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हो सकती है.

पिछले साल जापान की अर्थव्यवस्था आधिकारिक रूप से मंदी में चली गई थी और इस साल जनवरी-मार्च में भी अर्थव्यवस्था में नाटकीय गिरावट आई थी.

उस दौरान विश्वव्यापी मंदी के कारण जापान के निर्यात पर काफ़ी असर हुआ था. टोक्यो से बीबीसी संवाददाता रोनाल्ड ब्यूएर्क का कहना है कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को मंदी से उबारने के लिए बड़े-बड़े आर्थिक पैकेज दिए थे और इसका असर भी पड़ा.

फ़ायदा

चीन और अन्य बाज़ारों में बढ़ती मांग के कारण भी जापानी निर्माताओं को फ़ायदा हुआ. लेकिन बीबीसी संवाददाता का ये भी कहना है कि मंदी के दौर से पूरी तरह उबरने में जापान को अभी लंबा सफ़र तय करना है.

Image caption जापान में उपभोक्ताओं को ख़र्च के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है

आरबीएस सिक्यूरिटीज़ में मुख्य अर्थशास्त्री जुन्को निशिओका ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में कहा कि जापान के ताज़ा आँकड़े काफ़ी अच्छे हैं.

उन्होंने कहा, "ख़र्च करने के मामले में जनता का सकारात्मक योगदान आगे भी जारी रहने की उम्मीद है. मैं नहीं समझता कि जापान में आर्थिक मंदी का वो दौर फिर लौटेगा."

जापान की अर्थव्यस्था काफ़ी हद तक निर्यात पर टिकी हुई है. अमरीका में आर्थिक मंदी के कारण जापान को काफ़ी नुक़सान हुआ क्योंकि अमरीकी उपभोक्ताओं ने अपने ख़र्च में कमी कर दी.

बैंक ऑफ़ जापान की एक हालिया रिपोर्ट में अर्थव्यवस्था के मामले में संभलकर विचार दिए गए हैं. बैंक का कहना है कि जापान की अर्थव्यस्था का बुरा दौर रुक गया है.

लेकिन रिपोर्ट में चेतावनी भी दी गई है कि बेरोज़गारी का दौर अभी और चल सकता है और उपभोक्ताओं की ओर से ख़र्च में कमी भी जारी रह सकती है.

पिछले महीने बैंक ने ये आकलन किया था कि अगले साल 31 मार्च तक जापान की अर्थव्यवस्था में 3.4 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है.

दूसरी ओर अप्रैल से जून के बीच फ़्रांस और जर्मनी की अर्थव्यवस्था में 0.3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई. इसके साथ ही यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भी मंदी का दौर ख़त्म हुआ जो क़रीब एक साल तक चला.

जानकारों ने ऐसे आँकड़ों की उम्मीद नहीं की थी. अब उनका कहना है कि मंदी के दौर से उबरने की प्रक्रिया अपेक्षा से ज़्यादा तेज़ हो सकती है.

अप्रैल से जून तक में हांगकांग की अर्थव्यवस्था में भी 3.3 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. हांगकांग के संदर्भ में भी आँकड़ें उम्मीद से ज़्यादा अच्छे रहे हैं. इसके साथ यहाँ की सरकार ने भी पूरे साल के लिए आर्थिक विकास के आकलन में बढ़ोत्तरी की है.

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