टाटा ने कहा, घाटा पूरा करो

रतन टाटा
Image caption रतन टाटा राज्य सरकार से मुआवाज़े की माँग कर रहे हैं.

टाटा समूह के प्रमुख रतन टाटा ने कहा है कि वो सिंगुर की ज़मीन वापस लौटा देंगे बशर्ते कंपनी को हुए नुकसान की भरपाई कर दी जाए.

मंगलवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल के उद्योग मंत्री निरुपम सेन के साथ उन्होंने सिंगुर समेत कई मुद्दों पर चर्चा की.

बैठक के बाद रतन टाटा ने कहा, "हम उस ज़मीन पर बैठे नहीं रहना चाहते. हम सरकार को इसे लौटा देंगे लेकिन परियोजना हटाने से पहले जो निवेश हम कर चुके हैं, उसका मुआवज़ा चाहिए."

टाटा मोटर्स ने कहा था कि उसने सिंगुर में 15 अरब रूपए का निवेश किया था.

सिंगुर में टाटा की नैनो कार फैक्ट्री के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने 997 एकड़ ज़मीन लीज़ पर दी थी.

लेकिन खेतिहर ज़मीन के अधिग्रहण के ख़िलाफ़ तृणमूल कांग्रेस और स्थानीय लोगों के ज़बर्दस्त विरोध के बाद टाटा ने इस परियोजना से हाथ खींच लिए.

शिकायत नहीं

कंपनी ने बाद में ये परियोजना गुजरात के सानंद में स्थानांतरित कर दी.

रतन टाटा ने कहा कि अब सिंगुर में किसी और परियोजना का कोई प्रस्ताव नहीं है.

उन्होंने कहा, “हम राज्य सरकार के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं अगर उनके पास इस ज़मीन को लेकर कोई योजना है.”

निरुपम सेन ने कहा कि उन्हें रतन टाटा की ओर से राज्य के विकास में मदद का आश्वासन मिला है.

उन्होंने कहा, “हम टाटा के साथ राज्य में कई और परियोजनाओं पर सहयोग कर सकते हैं. अभी टाटा का कैंसर अस्पताल बन रहा है. ये मार्च तक तैयार हो जाएगा.”

इस पर रतन टाटा का कहना था कि उन्हें पश्चिम बंगाल में उनकी कंपनी की कई परियोजनाएँ चल रही हैं और वे आगे भी राज्य सरकार के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं.

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