टाटा मोबाइल की नई योजना

  • 2 सितंबर 2009
मोबाइल फ़ोन
Image caption इस योजना के तहत प्रति कॉल के आधार पर शुल्क वसूल किया जाएगा

भारत में मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करने वालों के लिए टाटा टेलीसर्विसेज ने एक ऐसी योजना की शुरूआत की है जिससे बाज़ार में हलचल मची है.

कंपनी मोबाइल फ़ोन कॉल के लिए प्रति मिनट पल्स सिस्टम के आधार पर आमतौर पर शुल्क वसूल किए जाने के पारंपरिक तरीके से हट कर अब अपने ग्राहकों से प्रति कॉल के आधार पर शुल्क लेगी.

टाटा टेलीसर्विसेज की इस योजना के अनुसार प्रीपेड सीडीएमए ग्राहकों के लिए दी जाने वाली इस योजना में स्थानीय कॉल के लिए एक रूपए और एसटीडी कॉल के लिए तीन रूपए शुल्क वसूल किया जाएगा.

इसका मतलब है कि यदि कोई घंटे भर बात करे या एक मिनट उसे स्थानीय कॉल के लिए एक रूपए ही चुकाने पड़ेंगे. इसी तरह से किसी भी नेटवर्क पर एसटीडी फोन कॉल करने पर ग्राहक को तीन रुपए देने होंगे चाहे बात करने की अवधि कितनी ही देर हो.

टाटा इंडीकॉम और टाटाटेलीसर्विसेज के ग्राहकों को यह सुविधा एक रूपए प्रतिदिन या 30 रूपए प्रति महीने की शुल्क पर उपलब्ध है. इसके तहत मोबाइल से लैंडलाइन और अन्य नेटवर्क पर फोन करने पर भी यही सुविधा दी जाएगी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक टाटा टेलीसर्विसेज के प्रबंध निदेशक अनिल सरदाना ने बताया, "प्रति कॉल के हिसाब से शुल्क लिए जाने की इस योजना से टेलीफ़ोन सेवा के क्षेत्र में शुल्क दर में काफी बदलाव आएगा. टेलीफ़ोन कॉल की समयावधि पर कोई बंदिश नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि लोग इस योजना का दुरुपयोग करने लगें. इस योजना के किसी तरह के दुरुपयोग को यदि एक बार नोटिस किया जाएगा तो उसके बाद ग्राहकों के कॉल करने के तरीकों पर निगरानी रखी जाएगी."

उनका कहना था कि इससे पहले मोबाइल सेवा देनी वाली अन्य टेलीफ़ोन कंपनियाँ कुछ ख़ास घंटों या कुछ खास नंबरों के बीच 'फ्री टॉक टाइम' की सुविधा देती रही हैं, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब कोई कंपनी 'पल्स रेट' से अलग हट कर प्रति कॉल के आधार पर शुल्क लेगी.

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