मुकेश अंबानी की कंपनी के ख़िलाफ़ अपील

Image caption अंबनी बंधुओं के बीच आपस में ही गैस विवाद चल रहा है.

सरकारी कंपनी राष्ट्रीय ताप ऊर्जा निगम यानी एनटीपीसी ने मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ख़िलाफ़ अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.

एनटीपीसी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें अदालत ने मुकेश अंबानी की कंपनी आरआईएल को गैस विवाद में अपनी याचिका में संशोधन करने की अनुमति दे दी थी.

एनटीपीसी वर्ष 2004 के समझौते के तहत 2.34 डॉलर प्रति ब्रिटिश थर्मल यूनिट की दर पर गैस हासिल करने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के ख़िलाफ़ गई थी.

मंत्रियों के एक समूह ने आरआईएल को कृष्णा-गोदावरी डेल्टा-6 यानी केजी बेसिन तेल क्षेत्र से 4.2 अमरीकी डॉलर प्रति एमएमबीटीयू की दर पर गैस मुहैया कराने को कहा था.

लेकिन एनटीपीसी को आरआईएल से कवास और गंधार परियोजनाओं के लिए वर्ष 2004 में ही 2.34 डालर प्रति एमएमबीटीयू की दर पर प्रतिदिन 1.2 करोड़ घन मीटर गैस आपूर्ति का करार मिल गया था.

सरकार ने अंबानी बंधुओं के बीच शुरू हुए गैस विवाद के बाद संसद में दिए अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया था कि गैस की कीमतें तय करने का एकाधिकार उसके पास है.

केजी बेसिन को लेकर अंबानी बंधुओं के बीच जो विवाद है, उसके निपटारे के लिए सुप्रीम कोर्ट में अगले महीने बीस तारीख को सुनवाई होनी है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस विवाद पर पहले ही कह चुके हैं कि अंबानी बंधुओं को इस मामले पर कोई बीच के रास्ते तक पहुंचना चाहिए.

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