'जेट प्रबंधन हड़ताल मामले को सुलझाए'

  • 8 सितंबर 2009
जेट के कर्मचारी

जेट एयरलाइंस के पायलटों के 'हड़ताल' के मामले पर केंद्र सरकार ने प्रबंधन और पायलटों से कहा है कि वो जल्द से जल्द इस मसले को सुलझाएँ.

नागरिक उड्डयन सचिव एम माधवन नांबियार ने बताया है कि उन्होंने जेट एयरलाइंस प्रबंधन से कहा है कि वो पायलटों से बात करे और समस्या का निपटारा करे.

नांबियार ने मंगलवार सुबह जेट एयरवेज़ के चेयरमैन नरेश गोयल से मुलाक़ात की थी.

अपने दो साथियों की नौकरियां जाने का विरोध व्यक्त करते हुए जेट एयरलाइंस के क़रीब 600 पायलट मंगलवार को छुट्टी पर चले गए हैं.

हालत यह है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों सहित जेट के कई घरेलु उड़ानों पर इसका असर पड़ा है. जेट एयरलाइंस के इस पूरे घटनाक्रम के कारण उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं.

मुंबई से बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद ने बताया कि दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों सहित मुंबई की सात, कोलकाता की आठ और दिल्ली की 11 उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं.

पायलटों का कहना है कि उन्होंने काम से छुट्टी लेकर अपना विरोध व्यक्त किया है इसलिए इसे हड़ताल का नाम न दिया जाए.

हाल ही में जेट एयरवेज़ ने अपने दो पायलटों की सेवाओं को रद्द करते हुए उन्हें कार्यमुक्त कर दिया था. पायलटों ने इस फ़ैसले का विरोध किया था.

यात्री प्रभावित

मंगलवार सुबह से छह घंटे पूर्व ही पायलटों ने काम का बहिष्कार कर दिया था. इसके बाद से ही जेट की कोलकाता, दिल्ली और कुछ अन्य महानगरों के लिए जेट एयरलाइंस और जेट लाइट की उड़ाने रद्द की गई हैं.

दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई जब पायलटों की एक यूनियन, नेशनल एविएटर्स गिल्ड में जेट एयरवेज़ के 750 पायलटों में से 600 शामिल हो गए.

इस यूनियन में इन पायलटों का प्रतिनिधित्व जेट के दो पायलट, डी बालारामन और सैम थॉमस कर रहे हैं. बालारामन इस यूनियन के महासचिव हैं और सैम इसके संयुक्त सचिव.

जानकार बताते हैं कि इन दोनों के यूनियन में पदभार संभालने के बाद ही प्रबंधन ने उन्हें कार्यभार से मुक्त कर दिया. प्रबंधन के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ जेट एयरलाइंस के पायलटों ने मंगलवार को काम पर आने से मना कर दिया.

दिल्ली, बंगलौर, मुंबई और कोलकाता सहित अन्य घरेलु हवाईअड्डों पर मंगलवार को यात्री जेट एयरलाइंस के काउंटरों पर अपनी यात्रा के लिए परेशान होते देखे गए.

उधर एयरलाइंस ने पायलटों के इस क़दम को ग़ैर-क़ानूनी करार दिया है.उन्होंने कहा है कि प्रभावित यात्रियों को हो रही तकलीफ़ कम से कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

बताया जा रहा है कि एयरलाइंस अब नागरिक विमानन मंत्रालय से मदद की गुहार भी लगा रहा है.

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