'चीन से व्यापार युद्ध टल सकता है'

  • 15 सितंबर 2009
बराक ओबामा
Image caption बराक ओबामा का कहना है कि दोनों देशों को संरक्षणवाद से बचना होगा

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि वे पूरी तरह आश्वस्त हैं कि अमरीका और चीन के बीच व्यापार युद्ध को टाला जा सकता है.

उन्होंने हाल ही में शुरु हुए व्यापार युद्ध के मामले में अमरीका का बचाव करते हुए कहा है कि जो फ़ैसले लिए गए हैं वो नियमों में लिखे हुए हैं.

हालांकि उन्होंने यह माना कि चीन की नाराज़गी से उन्हें आश्चर्य नहीं हुआ है.

दोनों देशों के बीच यह टकराव उस समय शुरु हुआ था जब अमरीका ने चीन में बने कुछ टायरों पर 35 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का फ़ैसला किया था.

अमरीका के इस फ़ैसले से नाराज़ चीन ने अमरीकी ऑटोमोबाइल और चिकन से बने उत्पादों पर डंपिंग विरोधी और सब्सिडी विरोधी जांच शुरू कर दी थी और कहा था कि वह अमरीकी फ़ैसले पर विश्व व्यापार संगठन से सलाह मांगेगा.

बचाव

टेलीविज़न चैनल सीएनबीसी को दिए साक्षात्कार में राष्ट्रपति ओबामा ने कहा, "यदि हम उन नियमों को लागू नहीं करेंगे जो हमारे व्यापार समझौते का हिस्सा हैं तो विश्वसनीयता क़ायम करना कठिन होगा."

उनका कहना था कि चीन विश्व व्यापार संगठन का हिस्सा है और इस समझौते में लिखा हुआ है कि यदि किसी चीज़ की अधिकता होती है तो उसे रोकने के उपाय क्या हैं.

उन्होंने कहा, "हमने इसी नियम को लागू किया है. मुझे आश्चर्य नहीं है कि इससे चीन नाराज़ है. लेकिन यह ज़हन में रखना होगा कि चीन के साथ हमारा व्यापार बहुत बड़ा है."

राष्ट्रपति ओबामा का कहना था, "देखना सिर्फ़ यह है कि यदि नियम बनाए गए हैं तो उनका कोई अर्थ तो होगा."

उनका कहना था, "यह चीन के हित में है और यह हमारे हित में है और यह दुनिया के हित में है कि हम संरक्षणवाद को टालें, ख़ासकर ऐसे समय में जब एक साल की मंदी के बाद विश्व व्यापार में फिर से बढ़ोत्तरी हो रही है."

विवाद

Image caption अमरीका का कहना है कि उसने विश्व व्यापार संगठन के नियमों को लागू किया है

पहले ओबामा प्रशासन ने सवारी वाहनों और हल्के ट्रकों के टायरों पर पैंतीस प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का फैसला किया.

इसके बाद चीन ने अमरीकी ऑटोमोबाइल और चिकन से बने उत्पादों पर डंपिंग विरोधी और सब्सिडी विरोधी जांच शुरू कर दी.

बेहद कम क़ीमत पर वस्तुओं को बाज़ार में भर देने को डंपिंग कहते हैं.

चीन सरकार ने एक बयान जारी करके अमरीका के फै़सले का भारी विरोध किया था और इसे ‘व्यापार संरक्षणवाद की एक गंभीर कार्रवाई’ बताया था.

अमरीका का तर्क था कि चीन के टायरों की वजह से अमरीका का टायर उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है और हज़ारों लोगों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है.

और पैकेज नहीं

इस साक्षात्कार में बराक ओबामा ने यह भी कहा है कि इस बात की संभावना नहीं है कि वे दूसरा आर्थिक राहत पैकेज देंगे.

लेकिन उन्होंने कहा है कि वे इसके पक्ष में नहीं है लेकिन वे परिस्थियों पर नज़र रखे हुए हैं.

उल्लेखनीय है कि अमरीका के एक बड़े बैंक लेहमैन ब्रदर्स के दीवालिया घोषित होने के बाद एक के बाद एक कई अमरीकी बैंक धराशाई हो गए थे और उन्हें संभालने के लिए सरकार को राहत पैकेज की घोषणा करनी पड़ी थी.

राष्ट्रपति ओबामा इससे पहले यह कह चुके हैं कि कई तंत्रों ने पिछले साल के संकट से सबक नहीं सीखा और ऐसे किसी संकट को टालने के लिए क़ानून बनाए जाने की ज़रुरत है.

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