भारत और चीन उबारेंगे दुनिया को

अमरीकी बाज़ार
Image caption ये हालात बदलेंगे अगर भारत और चीन बढ़ते रहे.

एशियन डेवलपमेंट बैंक ने कहा है कि भारत और चीन जैसे विकासशील एशियाई देश दुनिया को आर्थिक मंदी से उबारने में अग्रणी रहेंगे.

मंगलवार को जारी एक ताज़ा आकलन में मनीला स्थित बैंक ने ये भी कहा है कि अभी सुधार के लक्षण उतने भी मज़बूत नहीं हैं कि ये सरकारें अपनी अर्थव्यवस्थाओं को उबारने के लिए जारी राहत कार्यक्रमों को रोक दें.

बैंक ने मार्च में आकलन किया था कि एशियाई सकल घरेलू उत्पाद या जीडीपी 3.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा.

इस ताज़ा आकलन में इसे बढ़ाकर 3.9 प्रतिशत कर दिया गया है.

बैंक के प्रमुख अर्थशास्त्री जोंग व्हा ली का कहना है , ``दुनिया के बिगड़ते आर्थिक माहौल के बावजूद, विकासशील एशियाई देश इस मंदी से उबारने में अहम भूमिका निभाएंगे.’’

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इन देशों और उनके केंद्रीय बैंकों की तरफ़ से उठाए गए ठोस कदम, मंदी से पहले उनके वित्तीय तंत्र की बेहतर सेहत और निर्यात पर कम निर्भर अर्थव्यवस्थाओं का जल्द संभलना, ये कारण बने हैं इस नए आकलन के पीछे.

बैंक ने भारत के बारे में आकलन किया है कि 2009 में उसकी अर्थव्यवस्था 6.0 प्रतिशत की रफ़्तार से बढ़ेगी. पहले ये आकलन 5.0 प्रतिशत का था.

अगले साल ये रफ़्तार 7.0 तक पहुंच जाएगी ये अनुमान है एडीबी का.

रिपोर्ट में कहा गया है कि कमज़ोर निर्यात और कृषि क्षेत्र में ख़राब प्रदर्शन की आशंका के बावजूद भारत के “कुशल आर्थिक प्रबंधन’’ ने उस पर वैश्विक आर्थिक मंदी का उतना ज़्यादा प्रभाव नहीं होने दिया है.

चीन के बारे में कहा गया है कि उसकी अर्थव्यवस्था इस साल 8.2 प्रतिशत की रफ़्तार से बढ़ेगी. ये पहले किए आकलन के मुक़ाबले 1.2 प्रतिशत ज़्यादा है.

बैंक का कहना है कि इसकी एक वजह है कि चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था में 585 अरब डॉलर के राहत पैकेज का समावेश किया.

Image caption भारत में अर्थव्यवस्था की रफ़्तार तेज़ होगी.

बैंक ने ये भी कहा है कि इस बेहतर आर्थिक आकलन की झलक इन क्षेत्रों के शेयर बाज़ारों में भी नज़र आने लगी है.

आर्थिक मंदी की शुरूआत के दौरान अमरीकी अर्थशास्त्रियों ने भी कहा था कि अगर भारत और चीन की अर्थव्यवस्थाएं इसी रफ़्तार से बढ़ती रहीं तो मंदी से उबरने में ज़्यादा वक्त नहीं लगेगा.

लेकिन भारत और चीन से भी जब मंदी की ख़बर आने लगी तो चिंता के बादल और गहरे हो गए थे.

एशियन डेवलपमेंट बैंक का आकलन ये भी है कि निर्यात पर निर्भर दक्षिण कोरिया, हॉंगकॉंग, सिंगापुर, ताइवान जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाओं में सुधार के आसार नहीं है क्योंकि उनके वस्तुओं की मांग फ़िलहाल कमज़ोर है.

संबंधित समाचार