दूसरे एयरलाइंस किराए न बढ़ाएं

  • 29 सितंबर 2009
Image caption यात्रियों को इस हड़ताल से काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है.

एयर इंडिया के पायलटों के आंदोलन के बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने सभी एयरलाइनों के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात की है.

मंत्रालय के सचिव और नागरिक उड्डयन महानिदेशक ने सभी एयरलाइनों से आग्रह किया कि वो एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल को देखते हुए अपने किराए न बढ़ाएं और यात्रियों की परेशानी कम करने की हरसंभव कोशिश करें.

माना जा रहा है कि एयर इंडिया प्रबंधन जल्दी ही पायलटों से बातचीत करेगा क्योंकि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दोनों पक्षों से जनहित में मामला जल्दी सुलझाने के लिए कहा है.

एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल लगातार चौथे दिन भी जारी है और मंगलवार को कई उड़ानें रद्द हुई हैं जिससे यात्रियों को काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

इससे पहले सोमवार को दोनों पक्षों के बीच वार्ता बिना नतीजे के समाप्त हो गई थी. इसके बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयर इंडिया प्रबंधन से कहा है कि वो पायलटों से समग्र बातचीत करें और मामले को जल्दी से जल्दी सुलझाएं.

समाचार एजेंसियों के अनुसार एयर इंडिया ने सोमवार की रात से अगले पंद्रह दिनों के लिए बुकिंग लेनी बंद कर दी है.

मंत्रालय ने दोनों पक्षों से कहा है कि वो अपने मसलों को जल्दी सुलझा लें. मंत्रालय ने इस मामले में तब हस्तक्षेप किया है जब कुछ समाचार माध्यमों पर ये ख़बरें आई कि एयर इंडिया कुछ समय के लिए अपने सारे आपरेशन बंद करने का मन बना रहा है.

माना जा रहा है कि मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद प्रबंधन पायलटों से फिर बातचीत करेगा और मसले का कोई न कोई समाधान निकाला जाएगा.

एयर इंडिया प्रबंधन ने आपरेशन बंद किए जाने की ख़बरों का सिरे से खंडन किया है.

इससे पहले सोमवार की रात एयर इंडिया अध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर अरविंद जाधव ने काम पर नहीं आ रहे पायलटों से दो घंटे तक बातचीत की लेकिन निष्कर्ष कुछ नहीं निकला.

ये बातचीत मुख्य रूप से दिल्ली और कोलकाता समूह के पायलटों से हो रही थी.

इन दोनों गुटों ने रविवार को मुंबई में हुए समझौते को मानने से इंकार कर दिया है.

पायलटों के प्रतिनिधि कैप्टन वी के भल्ला ने पत्रकारों को बताया: "बातचीत बिना किसी नतीजे के ख़त्म हो गई क्योंकि प्रबंधन हमारे वेतन के भुगतान और भत्तों में कटौती की वापसी पर कोई सकारात्मक जवाब नहीं दे सका.''

रविवार को कोलकाता में हुई एक बैठक में पायलटों के एक वर्ग ने मैनेजमेंट के साथ यह समझौता किया था की उनकी भत्तों में कटौती की वापसी की मांग की जांच के लिए एक समिति गठित की जाये जिसमें उनके प्रतिनिधि भी शामिल हों.

एयर इंडिया प्रवक्ता जितेंद्र भार्गव के मुताबिक मुंबई वार्ता के बाद वहां और चेन्नई के पायलट तो काम पर वापस लौट आये हैं लेकिन दिल्ली और कोलकाता वालों को इससे ऐतराज़ है.

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