आरआईएल ने उठाए पहल पर सवाल

अंबानी भाइयों के आपसी झगड़े में रविवार को एक आश्चर्यजनक मोड़ आया. छोटे भाई अनिल अंबानी ने एक बयान में अपने बड़े भाई मुकेश अंबानी को संबोधित करते हुए कहा है कि सभी झगड़ों को आपसी सौहार्द और सहमती से सुलझाया जा सकता है और ऐसा करना कुछ हफ़्तों के अंदर संभव है.

समाचार एजेंसियों के मुताबिक मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की ओर से अनिल अंबानी के वक्तव्य पर सतर्कता भरी प्रतिक्रिया आई है.

प्रतिक्रिया में जहाँ अनिल अंबानी के बयान का स्वागत किया गया है वहीं कुछ सवाल भी उठाए गए हैं.

वक्तव्य में कहा गया है, “अनिल अंबानी ने आरआईएल के ख़िलाफ़ जिस तरह का नकारात्मक अभियान चलाया था उसे देखते हुए ये सकारात्मक बदलाव है. लेकिन पिछले बर्ताव को देखते हुए ये मानना मुश्किल है कि अनिल अंबानी का वाकई में हृदय परिवर्तन हुआ है. पिछले कुछ महीनों में आरआईएल के ख़िलाफ़ अख़बारों में विज्ञापनों के ज़रिए अभियान छेड़ दिया गया था.”

हाथ आगे बढ़ाने के अनिल अंबानी के तरीके पर भी वक्तव्य में ख़ेद जताया गया है और कहा गया है, “ये आश्चर्यजनक और दुखद है कि अनिल अंबानी ने आरआईएल और उसके चेयरमैन से संपर्क बनाने के लिए सार्वजनिक मंच का इस्तेमाल किया है जबकि वे अपने बड़े भाई से सीधे संपर्क कर सकते थे.”

इसके अलावा ये भी कहा है कि ये केवल पारिवारिक विवाद नहीं है आरआईएल उम्मीद करती है कि सुलह के इस क़दम का सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई से कोई लेना-देना नहीं है.

अनिल का बयान

अनिल का ये ‘हृदय परिवर्तन’ दीवाली के त्योहार से पहले और केदारनाथ और बद्रीनाथ की तीर्थ यात्रा से लौटने के बाद हुआ है.

उन्होंने एक सार्वजनिक वक्तव्य में कहा है,"मुकेश से मुझे बड़ा प्यार है और मैं उनकी इज्ज़त करता हूँ. पिछले चार वर्षों में मैने समस्याओं का समाधान तलाश करने की हर संभव कोशिश की है.”

उन्होंने मुकेश अंबानी से दरियादिली दिखाने और समझौते की भावना से सभी मुद्दों को सुलझाने की अपील की है.

अनिल अंबानी ने कहा है कि उनकी माँ कोकिलाबेन के लिए इससे बड़ी ख़ुशी की बात नहीं होगी.

उन्होंने आशा व्यक्त की कि मुकेश उनकी भावना का आदर करते हुए उसी अंदाज़ में जवाब देंगे. उन्होंने कहा कि दैवी प्रेरणा और आर्शीवाद से मुकेश के साथ हमारे संबंधों में आयी दरार पट जाएगी.

समाचार एजेंसियों के मुताबिक मुकेश अंबानी ने अनिल अंबानी के वक्तव्य का स्वागत किया है.

औद्योगिक महाभारत

अंबानी बंधु अपने पिता के औद्योगिक साम्राज्य के बँटवारे को लेकर एक लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं.

इस औद्योगिक महाभारत का ताज़ा विवाद कृष्णा-गोदावरी बेसिन में गैस के विशाल भंर को लेकर है. मामला सर्वोच्च न्यायलय के सामने है जिसकी अगली सुनवाई 20 अक्टूबर को होनी है.

कुछ जानकारों का कहना है कि अनिल द्वारा सुलह की ये पहल अदालत की सुनवाई को ध्यान में रख कर की गई हो सकती है.

भारत के पूर्वी तट पर कृष्णा-गोदावरी बेसिन में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ को सन 2002 में गैस का एक विशाल भंडार मिला था. इस बीच दोनों भाइयों में पिता धीरुभाई अंबानी के विरासत के बँटवारे को लेकर झगड़ा शुरू हो गया.

भारी तनाव के बाद दोनों भाइयों के बीच 2005 ने अंततः बँटवारा हुआ. एक पारिवारिक समझौते के बाद ये तय हुआ कि मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (आरईएल) अनिल अंबानी की कंपनी अंबानी रिलायंस नेचुरल रिसोर्सिस लिमिटेड (आरएनआरएल) को अगले सत्रह साल तक $2.34 प्रति दस लाख यूनिट की दर से दो करोड़ 80 लाख क्यूबिक मीटर गैस की दैनिक सप्लाई करेगी.

ये क़ीमत सरकार द्वारा सन 2006 में निर्धारित $4.20 प्रति 10 लाख यूनिट की दर से काफी कम थी और बाकी खरीददारों को यही क़ीमत चुकानी थी. जब मुकेश अंबानी द्वारा ये बढ़ी हुई क़ीमत मांगी गई तो अनिल ने पुराने समझौते की दुहाई देते हुए नई क़ीमत को मानने से इंकार कर दिया.

मामला अदालत में पहुंचा औए पिछले 15 जून को मुंबई हाईकोर्ट ने अनिल के पक्ष में फैसला देते हुए कहा कि मुकेश अंबानी को पारिवारिक समझौते का पालन करना चाहिए.

मुकेश अंबानी ने मुंबई हाई कोर्ट के इसी फैसले के खिलाफ़ अब सर्वोच्च न्यायालय में अपील की है जिसके सुनवाई 20 अक्तूबर को होनी है.

भारत के इन दो सबसे बड़े उद्योगपतियों की इस लड़ाई से सरकार में भी चिंता है. पिछले दिनों स्वयं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आशा जताई थी कि व्यापक राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए दोनों भाई अपने मतभेदों को भुला देंगे.

कुछ ऐसी ही भावनाएँ वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारीयों ने भी व्यक्त की थीं.

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