पीएसयू की दो कंपनियों में विनिवेश होगा

एनटीपीसी
Image caption पिछली सरकार में वामदल विनिवेश का विरोध करते रहे इस वजह से सरकार पर काफ़ी दबाव था

भारत में केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों पर बनी कैबिनेट समिति ने मंगलवार को हुई एक बैठक में दो सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) में विनिवेश करने का फ़ैसला किया है.

भारत सरकार के वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार अपने नवरत्नों में से एक, राष्ट्रीय ताप ऊर्जा निगम (एनटीपीसी) में अपने 89.5 प्रतिशत शेयर में से पाँच प्रतिशत शेयर का विनिवेश करेगी.

वहीं सतलज जल विद्युत निगम में सरकार अपने 75 प्रतिशत शेयर में से 10 प्रतिशत का विनिवेश करेगी.

आनंद शर्मा ने साथ में ये भी कहा कि विनिवेश की प्रक्रिया के दौरान कंपनियों के कुछ शेयर कंपनियों के कर्मचारियों को देने का प्रस्ताव किया गया है.

गौरतलब है कि पिछली सरकार पर वामदलों का बहुत दबाव था कि सरकार इन कंपनियों का विनिवेश न करे.

विनिवेश का असर

जाने माने आर्थिक विश्लेषक भारत झुनझुनवाला का कहना है, "यह एक महत्त्वपूर्ण क़दम है क्योंकि विनिवेश करने से उपक्रम के कार्यों पर शेयर बाज़ार की नज़र स्थापित हो जाती है."

वे कहते हैं कि अगर कंपनी डूब रही है या फिर कंपनी में ग़लत व्यवहार हो रहा है या वह सही ढंग से नहीं चल रही है तो इससे पहले कि उपक्रम मृतप्राय हो जाए, सरकार को शेयर बाजारों से संकेत मिलने लगेंगे.

सार्वजनिक इकाइयों पर एक मात्र सरकारी निगरानी के स्थान पर एक दूसरी स्वतंत्र निगरानी, शेयर बाज़ार के माध्यम से स्थापित की जा रही है.

साथ ही झुनझुनवाला का ये भी कहना है कि विनिवेश का मूल सिद्धांत होता है कि सरकार को व्यवसाय करने की जगह केवल शासन करने पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन ऐसे विनिवेश से विपरीत असर होता है, जैसे अभी भी एनटीपीसी पर मूल रुप से सरकार का ही नियंत्रण रहेगा क्योंकि विनिवेश के बाद भी 84.5 प्रतिशत शेयर तो सरकार के पास ही होंगे.

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