ज़्यादा टैक्स वसूलने का अनुरोध

यूरो
Image caption आवेदकों का कहना है कि इस प्रयास से सरकारी ख़ज़ाने में 100 अरब यूरो आ सकते हैं

जर्मनी के कुछ धनी लोगों के एक समूह ने एक मुहिम शुरू की है जिसमें वो सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि वो उन लोगों से ज़्यादा कर वसूले जिनकी आय ज़्यादा है.

इन लोगों का कहना है कि इससे जो ज़्यादा पैसे जमा होंगे, उसका इस्तेमाल जर्मनी को आर्थिक तंगी से उबारने के लिए किया जाए.

बर्लिन से बीबीसी संवाददाता स्टीव रोसेंबर्ग ने कहा है कि अभी इस प्रार्थना पत्र पर ज़्यादा लोगों ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं और अभी तक जर्मनी के सिर्फ 44 धनवान लोग इस अभियान का हिस्सा बने हैं, जो उनकी निजी धनराशि पर अतिरिक्त कर लगाने वाला है.

जिन लोगों ने इस प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं उनका कहना है कि हर व्यक्ति, जिसके पास साढ़े सात लाख डॉलर से ज़्यादा बैंक में जमा हैं, उनका फ़र्ज़ बनता है कि वो समाज के लिए उससे ज़्यादा दें, जितना वो अब तक देते आए हैं.

ये लोग ज़ोर दे रहे हैं कि इस वर्ष और उससे अगले साल जर्मनी के धनी लोगों को पाँच प्रतिशत का अतिरिक्त संपत्ति कर देना चाहिए.

इन लोगों की गणना के मुताबिक़ ऐसा करने से जर्मनी के पास 150 अरब डॉलर की अतिरिक्त धनराशि जमा हो जाएगी.

प्रार्थना पत्र का समर्थन करने वालों में ब्रुनो हास भी हैं.

ब्रुनो हास का कहना है, "मुझे विरासत में कुछ धन मिला है. देश को आर्थिक तंगी के इस समय में कुछ पैसों की ज़रूरत है जिससे कि उसका काम चलता रहे. इसके लिए उसके पास सीमित विकल्प हैं और हम जैसे कुछ लोग, जो धनी हैं, मानते हैं कि हम उसके लिए कुछ ज़्यादा कर सकते हैं."

लेकिन जर्मनी की नई गठबंधन सरकार इस बात के लिए तैयार हो जाएगी, ऐसा नहीं लगता.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पिछले महीने ही संपन्न हुए चुनाव में, चांसलर एंगेला मर्केल की कंज़र्वेटिव पार्टी और उद्योग जगत का समर्थन करनेवाले लिबरल्स ने कहा था कि वो करों में कटौती करेंगे. फिर वो ज़्यादा कर लगाने की बात कैसे मंज़ूर कर सकते हैं?

संबंधित समाचार