विनिवेश के लिए उपयुक्त समय की तलाश

प्रणब मुखर्जी
Image caption प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सरकार आर्थिक मदद जारी रखेगी

भारत के वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में विनिवेश के लिए उपयुक्त समय की तलाश में है.

देश में अर्थव्यवस्था की स्थिति पर दिल्ली में हुए आर्थिक संपादकों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा कि विनिवेश के लिए कुछ कंपनियों की पहचान की जा चुकी है.

उन्होंने ऑयल इंडिया लिमिटेड और एनएचपीसी में विनिवेश की बात को रेखांकित किया. हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों का निजीकरण करने की कोशिश नहीं कर रही है और इन कंपनियों में सरकार की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत से कम नहीं होगी.

मुखर्जी ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में राजस्व घाटे को कम कर फिर से 5.5 प्रतिशत पर ले आया जाएगा. वर्ष 2009-10 में राजस्व घाटा 6.8 प्रतिशत है.

वित्तमंत्री ने अपने संबोधन में अर्थव्यवस्था को प्रतियोगी बनाने के लिए वित्त क्षेत्रों में सुधार पर ज़ोर दिया.

प्रणव मुखर्जी ने कहा कि दुनिया में छाई आर्थिक मंदी के मद्देनज़र सरकारी मदद जारी रहेगी.

पिछले महीने नवरत्नों में से एक, राष्ट्रीय ताप ऊर्जा निगम (एनटीपीसी) में सरकार अपने 89.5 प्रतिशत शेयर में से पाँच प्रतिशत और सतलज जल विद्युत निगम में अपने 75 प्रतिशत शेयर में से 10 प्रतिशत शेयर के विनिवेश करने की बात की थी.

ग़ौरतलब है कि पिछली सरकार में वामदल विनिवेश का विरोध करते रहे इस वजह से सरकार पर काफ़ी दबाव था.

प्रणब मुखर्जी कहा कि सरकार आर्थिक विकास को समाज के सभी वर्गों और सभी क्षेत्रों तक पहुँचाने की कोशिश कर रही है.

संबंधित समाचार