मंदी से उबरने के उपायों पर चर्चा

एलिस्टर डार्लिंग
Image caption ब्रितानी वित्त मंत्री एलिस्टर डार्लिंग बैठक की अध्यक्षता करेंगे

जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों की इस सप्ताहांत होने वाली बैठक में विश्व अर्थव्यवस्था को मंदी से उबारने के उपायों पर विचार किया जाएगा.

दुनिया की महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक स्कॉटलैंड के सेंट एंड्र्यूज़ में आयोजित की जा रही है.

दो दिनों की इस बैठक की अध्यक्षता ब्रितानी वित्त मंत्री एलिस्टर डार्लिंग करेंगे. इसमें अमरीकी वित्त मंत्री टिमोथी गाइटनर और यूरोप के महत्वपूर्ण देशों के वित्त मंत्रियों के साथ-साथ चीन, जापान, भारत और रूस के वित्त मंत्री भी भाग लेंगे.

डार्लिंग ने सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों को लिखे पत्र में बैठक के विस्तृत एजेंडे को रेखांकित किया है- "ऐसे दौर में जबकि संकट से निकलने की प्रक्रिया जारी है, ये ज़रूरी हो जाता है कि हम वैश्विक अर्थव्यवस्था के बेहतर प्रबंधन के लिए मिल कर काम करें. हमें ये याद रखना चाहिए कि हमारी अर्थव्यवस्थाएँ एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं."

सूत्रों के अनुसार जी-20 वित्त मंत्रियों की इस बैठक में विचार के दो मुख्य मुद्दे होंगे- विश्व अर्थव्यवस्था को मंदी से उबारने के लिए अलग-अलग देशों के प्रयासों में समन्वय और अंतरराष्ट्रीय वित्त एवं बैंकिंग व्यवस्था की निगरानी के बेहतर उपाय.

अमरीका और चीन पर दबाव

वित्त और मौद्रिक नीतियों में समन्वय पर ज़ोर पिछले साल शुरू हुए आर्थिक संकट के समय विभिन्न देशों के बीच असंतुलन को देखते हुए दिया जा रहा है. इसी के तहत अमरीका पर बचत बढ़ाने और चीन पर उपभोग बढ़ाने के लिए दबाव डाला जाएगा.

बैठक में दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सरकारों के पास मौजूद नक़दी के ऊँचे स्तर को कम करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी. यहाँ ये उल्लेखनीय है कि अलग-अलग देशों के बजाय अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के पास सुरक्षित नक़दी भंडार रखने के प्रस्ताव का उभरती अर्थव्यवस्थाओं ने विरोध किया है.

इससे पहले सितंबर में लंदन मे जी-20 वित्त मंत्रियों के सम्मेलन में और फिर अमरीका के पिट्सबर्ग में इस संगठन के शिखर सम्मेलन में अत्यधिक जोख़िम लेने की बैंकरों की आदत को ख़त्म करने के लिए भारी-भरकम बोनस के चलन पर रोक लगाने के बारे में सहमति बनी थी.

माना जा रहा है कि सेंट एंड्र्यूज़ बैठक में फ़्रांस समेत कई सदस्य देश उस सहमति को कार्यान्वित किए जाने पर ज़ोर देंगे.

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