जारी रहेंगे विशेष वित्तीय उपाय

एलिस्टर डार्लिंग
Image caption डार्लिंग ने कहा ख़तरा टला लेकिन क़दम पीछे करने का वक़्त अभी नहीं

जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट दूर करने के लिए किए गए विशेष उपायों को अभी जारी रखने का फ़ैसला किया है.

स्कॉटलैंड में हुई बैठक के बाद जारी बयान में वित्त मंत्रियों ने कहा है कि संकट के बाद किए गए समन्वित प्रयासों का सकारात्मक असर दिख तो रहा है, लेकिन सुधार एकसमान नहीं है. बयान में बेरोज़गारी के बढ़े स्तर पर चिंता व्यक्त की गई है.

बैठक के बाद अमरीकी वित्त मंत्री टिमोथी गाइटनर ने कहा कि जी-20 के वित्त मंत्रियों के बीच इस बात को लेकर व्यापक सहमति रही कि अर्थव्यवस्था के विकास का मुद्दा हमारी नीतियों का प्रमुख हिस्सा रहना चाहिए.

बैठक की अध्यक्षता ब्रितानी वित्त मंत्री एलिस्टर डार्लिंग ने की. उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में संकुचन का डर यों तो ख़त्म हो चुका है, लेकिन आपातकालीन वित्तीय पैकेज अभी वापस नहीं लिए जा सकते.

वित्तीय लेनदेन पर टैक्स का सुझाव

इससे पहले वित्त मंत्रियों को संबोधित करते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने वित्तीय लेनदेन पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया.

ब्राउन ने कहा, “मैं समझता हूँ हमें इस बात पर विचार करना चाहिए कि क्या समाज के प्रति वित्तीय संस्थानों की ज़िम्मेदारी को सुनिश्चित करने के लिए एक नई व्यवस्था की ज़रूरत है. इस बारे में कई तरह के प्रस्ताव हैं, जैसे- बीमा शुल्क लगाना, या एक सुरक्षित कोष क़ायम करना, या आकस्मिक ज़रूरतों के लिए पूँजी की पूर्व व्यवस्था करना, या फिर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेनदेन पर टैक्स लगाना.”

ब्राउन ने कहा कि ये स्वीकार नहीं किया जा सकता कि बैंकिंग क्षेत्र की सफलता का लाभ तो मुट्ठी भर लोग उठाएँ, लेकिन नाकामी का ठीकरा हर किसी पर फूटे.

हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी क़दम ब्रिटेन अपने स्तर पर नहीं उठाने जा रहा, बल्कि इसके लिए एक अंतरराष्ट्रीय समझौते की ज़रूरत होगी.

ब्राउन के प्रस्ताव पर जी-20 वित्त मंत्रियों की बैठक में ज़्यादा उत्साह नहीं देखा गया.

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