आतंकवादियों के खातों पर नज़र

Image caption रिज़र्व बैंक का ये आदेश चरमपंथी संगठनों को मिलने वाली आर्थिक मदद पर रोक लगाने के लिए है.

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सभी बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को आदेश दिया है है कि वो सभी बैंक खातों की इस बात के लिए जांच करें कि कहीं वो आतंकवादियों और आतंक से जुड़े संगठनों के तो नहीं हैं.

बैंक और वित्तीय संस्थाओं को संयुक्त राष्ट्र की तरफ़ से जारी आतंकवादियों और आतंक से जुड़े संगठनों की सूची भेजी गई है और उन्हें ये सुनिश्चित करना है कि इस सूची में शामिल किसी भी नाम का कोई खाता नहीं हो.

रिज़र्व बैंक ने भारतीय बैंकों के लिए जारी इस आदेश में ये भी कहा है कि जो नए खाते खोले जाएं उसमें भी देख लिया जाए कि ग्राहक का नाम इस सूची में शामिल नहीं हो.

अगस्त में भी रिज़र्व बैंक ने ऐसा ही आदेश जारी किया था बैंको के लिए जिसमें कहा गया था कि अल क़ायदा या तालिबान से जुड़े लोगों के खातों पर नज़र रखी जाए.

शेयर बाज़ार

बाज़ार में शेयरों की खरीद फ़रोख्त पर नज़र रखनेबाली संस्था सेबी ने भी सभी स्टॉक एक्सचेंजों को आगाह किया है कि वो संयुक्त राष्ट्र की तरफ़ से जारी उन संगठनों की सूची पर नज़र रखें जिनपर आतंकवादी संगठनों के लिए पैसा मुहैया कराने का आरोप है.

क़ानून के अनुसार अगर बैंकों को इस तरह के नाम मिलते हैं तो उन्हें फ़ौरन ही गृह मंत्रालय को सूचित करना होगा और मंत्रालय राज्य पुलिस या केंद्रीय एजेंसियों को जांच का आदेश देगा.

अगर जांच इस तरह के नाम या संगठनों का पता चलता है तो चौबीस घंटों के अंदर उनके बैंक खातों पर रोक लगाने के आदेश जारी हो जाएंगे.

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