आधारभूत ढाँचे के लिए एडीबी का ऋण

  • 17 नवंबर 2009
फ़ाइल फ़ोटो
Image caption भारत में अर्थव्यवस्था की गति बनी हुई है

भारत में आधारभूत ढाँचे के विकास की गति तेज़ करने के लिए एशियाई विकास बैंक (एडीबी) करीब़ सात करोड़ डॉलर की राशि का ऋण देगा.

ये ढांचागत योजनाएं सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी की पहल का हिस्सा होंगी.

एडीबी के निदेशकों ने मंगलवार को भारत में आधारभूत ढाँचे से संबंधित प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के लिए विभिन्न चरणों में ऋण देने की स्वीकृति दी.

अगले पाँच वर्षों में सरकारी कंपनी इंडिया इंफ़्रास्ट्र्क्चर प्रोजेक्ट फ़ाइनेंस कंपनी लिमिटेड को यह राशि दी जाएगी.

इंडिया इंफ़्रास्ट्र्क्चर प्रोजेक्ट फ़ाइनेंस कंपनी लिमिटेड की स्थापना 1996 में ढाँचागत योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए की गई थी.

ये कंपनी ढाँचागत योजनाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है.

एडीबी दक्षिण एशिया के प्रमुख चेओल्सू किम का कहना था,'' एडीबी भारत के सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की परियोजनाओं विशेषकर परिवहन और विद्युत क्षेत्र की परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए वचनबद्ध है.''

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से आगे बढ़ी है.

हाल में भारत के प्रमुख उद्योग संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने कहा था कि वर्ष 2009-10 में भारत की विकास दर छह फ़ीसदी से अधिक रहेगी.

इसके पहले प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सी रंगराजन ने भी कहा था कि इस साल अर्थव्यवस्था तो बढ़ेगी पर कृषि क्षेत्र नहीं.

सी रंगराजन का कहना था कि वित्त वर्ष 2009–10 में भारत की आर्थिक प्रगति की दर 6.5 रहने की संभावना है. ये दर गत वर्ष की दर, 6.7 से 0.2 फीसदी कम है.

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