फ़िक्की ने की प्रधानमंत्री से अपील

  • 6 दिसंबर 2009
जलवायु परिवर्तन
Image caption भारत किसी भी तरह से लक्ष्य निर्धारण से मना करता रहा है

भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग परिसंघ (फ़िक्की) ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से आग्रह किया है कि वे कोपेनहेगेन सम्मेलन में ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन की ज़िम्मेदारी प्रति व्यक्ति के स्तर पर ही निश्चित करने की बात पर टिके रहे.

जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर शुरू हो रही कोपेनहेगेन बैठक में मनमोहन सिंह भी हिस्सा लेंगे. ये सम्मेलन सात दिसंबर से शुरू हो रहा है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वाणिज्य और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा को फ़िक्की के प्रमुख हर्षपति सिंघानिया ने एक पत्र में लिखा है, " हम इन ख़बरों से चिंतित हैं कि सभी देशों में गैस उत्सर्जन की ज़िम्मेदारी प्रति व्यक्ति पर निश्चित करने के अपनी बात से भारत मुकर सकता है."

लक्ष्य के ख़िलाफ़

पत्र में आगे लिखा गया है, " हम ज़ोर देकर यह कहना चाहेंगे कि ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन में कमी करने का आधार प्रति व्यक्ति के स्तर पर ही निर्धारित किया जाना चाहिए जैसा कि पहले से तय था."

सिंघानिया ने लिखा है कि हाल ही में जब प्रधानमंत्री जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने भी ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन में कमी को प्रति व्यक्ति के स्तर पर निर्धारित करने का समर्थन किया था.

भारत का कहना है कि उसका प्रतिव्यक्ति कार्बन उत्सर्जन विकसित देशों के मुक़ाबले बेहद कम है और वो क़ानूनी रूप से लागू कार्बन उत्सर्जन में कमी के लक्ष्य निर्धारण को स्वीकार नहीं करेगा.

भारत किसी भी लक्ष्य निर्धारण से भी मना करता रहा है.कोपेनहेगेन बैठक से ठीक पहले अब भारत की ओर से 20-25 प्रतिशत कटौती के लक्ष्य की बात कही गई है.

संबंधित समाचार