बीबीसी एफ़एम और बिग एफ़एम पार्टनर बने

  • 7 दिसंबर 2009
बिग एफ़एम
Image caption बिग एफ़एम के प्रसारण भारत के सभी बड़े शहरों में सुने जा सकते हैं

बीबीसी एफ़एम ने रेडियो चैनल बिग एफ़एम के साथ पार्टनरशिप का एक समझौता किया है जिसके बाद अब बीबीसी एफ़एम के कार्यक्रम भारत के 33 और शहरों में सुने जा सकेंगे.

अब तक देश के 87 शहरों में एफ़एम कार्यक्रम सुने जा सकते हैं जिनमें से अब 50 तक बीबीसी की पहुँच हो गई है.

इन शहरों में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, श्रीनगर और सूरत सहित कई बड़े शहर शामिल हैं. इस समझौते के बाद भारत और विदेशों में बीबीसी एफ़एम के पार्टनरों की तादाद दस हो गई है.

अब तक देश के 87 शहरों में एफ़एम कार्यक्रम सुने जा सकते हैं जिनमें से 50 तक बीबीसी की पहुँच है.

विदेश में बीबीसी एफ़एम के पार्टनर चैनेल संयुक्त अरब अमीरात और अमरीका के कई शहरों में स्थित हैं.

बीबीसी एफ़एम हिंदी और तमिल भाषा में अपने कार्यक्रमों का प्रसारण करता है.

बिग एफ़एम से हुए इस समझौते पर बीबीसी हिंदी सेवा के प्रमुख अमित बरुआ का कहना है, "मैं बहुत खुश हूँ कि बीबीसी और बिग एफ़एम के बीच एक नई साझेदारी मुमकिन हुई है. बीबसी का प्रयास है कि हम हर तरह के श्रोता को अपने साथ जोड़ें. इसी संदर्भ में हमने बिग एफ़एम के साथ डील की है. आशा है कि हमारी यह पेशकश श्रोताओं को पसंद आएगी".

भारत का सबसे बड़ा निजी एफ़एम चैनेल बिग 92.7 एफ़एम चैनेल रिलायंस ग्रुप का एक हिस्सा है और यह 45 शहरों के 1000 क़स्बों और 50 हज़ार गाँवों में सुना जा सकता है. कंपनी प्रोफ़ाइल के अनुसार भारत और भारत के बाहर रहने वाले बीस करोड़ भारतीयों तक इसकी पहुँच है.

इस नई पार्टनरशिप पर बीबीसी बिज़नेस डेवेलपमेंट, भारत के प्रबंधक इंदुशेखर का कहना है, "इस साझेदारी के ज़रिए भारत में बीबीसी के एफएम कार्यक्रमों की पहुँच में कई गुणा बढोत्तरी होगी. बिग 92.7 एफएम देश का सबसे बड़ा एफएम स्टेशन है और भारत के हर बड़े शहर में इसकी पहुँच है. बिग के इस व्यापक विस्तार का लाभ बीबीसी के श्रोताओं को भी मिलेगा और वो अब बिग 92.7 एफएम पर बीबीसी के एफएम कार्यक्रमों को सुन पाएंगे".

इस पार्टनरशिप के बाद बीबीसी एफ़एम के मनोरंजन पर आधारित लोकप्रिय कार्यक्रम बीबीसी मिनट और साप्ताहिक एक मुलाक़ात अब बिग एफ़एम पर 'बिग बीबीसी मिनट' और 'बीबीसी बिग मुलाक़ात' के नाम से सुने जा सकेंगे.

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