हड़ताल से बैंकों में कामकाज प्रभावित

एटीएम
Image caption बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण ग्राहक सेवा पर असर पड़ा है.

भारत में निजी और सरकारी बैंकों के कर्मचारी बुधवार को हड़ताल पर चले गए.

वे बैंकों के आपस में विलय की नीति का विरोध कर रहे हैं.

स्टेट बैंक ऑफ इंदौर के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में विलय के फ़ैसले के बाद बैंक कर्मचारी संघ ने हड़ताल का आह्वान किया था.

अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने कहा कि वैश्विक आकार का बड़ा बैंक तैयार करने के नाम पर सरकारी बैंकों का विलय नहीं होना चाहिए.

भारत के बैंकिंग कारोबार में सरकारी बैंकों की हिस्सेदारी लगभग 70 फ़ीसदी है.

वेंकटचलम का कहना था, "बैंक प्रबंधन के साथ बातचीत विफल होने के बाद हमने हड़ताल का फ़ैसला किया. बैंकों का विलय किसी के हक़ में नहीं है. हमें इस देश में और बैंकों की ज़रूरत है."

रिजर्व बैंक और भारत सरकार सरकारी बैंकों से आपस में विलय की अपील करती रही है ताकि वे एक-दूसरे की सुविधाओं का लाभ उठा सकें.

इस बार विदेशी बैंकों के कर्मचारियों से भी हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया गया है.

हड़ताल के कारण पहले ही बैंकों ने ग्राहकों को सूचित कर दिया था कि सेवाओं में बाधा आ सकती है. ख़ास कर चेक क्लियर होने और नकद पैसों के लेन-देन के काम पर असर पड़ा है.

लेकिन एटीएम सुविधा बहाल रहने के कारण ग्राहकों को बहुत मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ा है.

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