ड्रीमलाइनर की पहली उड़ान सफल

ड्रीमलाइनर
Image caption ड्रीमलाइनर विमान में ईंधन की खपत कम होगी

बोइंग के नए 787 ड्रीमलाइनर यात्री विमान की पहली परीक्षण उड़ान अमरीका में सफल रही.

सिएटल हवाई अड्डे से इसने साढ़े तीन घंटे के लिए उड़ान भरी और इस दौरान कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई.

शुरु में डिज़ाइन की समस्या के कारण इस प्रोजेक्ट में लगभग ढाई साल की देरी हो चुकी है.

इस विमान की ख़ासियत है कि ईंधन की कम खपत.

परीक्षण के दौरान दो पायलट विमान में थे. इनमें से एक रैंडी नैविले का कहना था, "हम जैसा चाहते थे वैसी ही कामयाबी मिली. सारे सिस्टम ठीक तरह से काम कर रहे थे."

अब अगले नौ महीनों तक ये विमान लगातार परीक्षण उड़ान भरेंगे, उसी के बाद वाणिज्यिक इस्तेमाल शुरु होगा.

मोटे तौर पर कार्बन फ़ाइबर से बना यह विमान एल्युमिनियम से बने विमानों के मुक़ाबले वजन में हल्का और ज़्यादा टिकाऊ होगा.

बोइंग का कहना है कि विमानों को पहली बार इस तरह से बनाया गया है जिससे ईंधन की कम खपत होगी.

ड्रीमलाइनर को बनाने वाली कंपनी बोइंग दुनिया की क़रीब 46 एयरलाइंस के लिए मध्यम आकार के 642 जेट विमान तैयार कर रही है.

जापान की निप्पॉन एयरवेज़ अपने बेड़े के लिए 52 जेट विमान तैयार करवा रहा है.

इतनी बड़ी संख्या में विमान ख़रीदने के कारण जापान को ड्रीमलाइनर विमान के पहले ग्राहक के रुप में दर्जा दिया गया है.

पेरिस एयर शो में बोइंग को 50 विमानों का ऑर्डर मिला था.

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