एसबीआई में हज़ारों नई नौकरियाँ

  • 12 जनवरी 2010
रुपया
Image caption एसबीआई भारत का सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक है

भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक - स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने कहा है कि वह अगले वित्तीय वर्ष में 25 हज़ार से अधिक लोगों को विभिन्न स्तर पर नौकरियाँ देगा. एसबीआई ने उम्मीद जताई है कि बैंक की विकास दर 25 प्रतिशत से अधिक रहेगी.

मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में एसबीआई के उपप्रबंध निदेशक अनूप बनर्जी ने ये जानकारी दी है.

अनूप बनर्जी का कहना था, "इस साल हमारी योजना है कि 20 से 22 हज़ार लोगों को लिपिक के पद पर और लगभग 5500 लोगों को प्रोबेश्नरी अफ़सर के स्तर पर नियुक्त किया जाए. अपने बैंक के विकास को आगे बढ़ाने के लिए हमें इन लोगों की ज़रूरत पड़ेगी. हमारा अनुमान है कि बैंक में जमा होने वाली पूँजी और दिए जाने वाले कर्ज़ में औसतन 25 प्रतिशत की वृद्धि होगी."

बनर्जी का कहना था कि जिन 5500 लोगों को प्रोबेश्नरी अफ़सर के पद पर नियुक्त करने की योजना है, उनमें से दो हज़ार को ग्रामीण क्षेत्र के लिए नियुक्त किया जाएगा और वे अगले दस साल तक उस क्षेत्र में मार्कीटिंग का काम देंखेंगे.

'आधे कर्मचारी रिटार्य होंगे'

ग़ौरतलब है कि पिछले साल भी एसबीआई ने 25 लोगों को नौकरियाँ दी थीं.

अब बैंक की योजना है कि मध्य स्तर पर प्रबंधन में प्रबंधक के स्तर से लेकर सहायक महाप्रबंधक के स्तर तक, जहाँ जहाँ ज़रूरी हो, नियुक्तियाँ की जाएँ.

ग़ौरतलब है कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के चेयरमैन और यूनियन बैंक के सीएमडी एमवी नायर ने कहा है कि सरकारी बैंकों में 58 प्रतिशत कर्मचारी वर्ष 2012 तक रिटायर हो जाएँगे जिससे इस उद्योग में प्रशिक्षित कर्मचारियों की ख़ासी कमी हो जाएगी.

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