चीनी की 'मिठास' वापस लौटी

  • 19 जनवरी 2010
चीनी
Image caption चीनी के दाम 50 रूपए किलो तक पहुँच गए थे.

पिछले तीन महीनों से लगातार बढ़ रहे चीनी के भाव में पहली बार गिरावट दर्ज की गई है.

दिल्ली में इसके थोक भाव में साढ़े तीन सौ से चार सौ रूपए प्रति क्विंटल की गिरावट आई है.

खुदरा भाव भी दो रुपए प्रति किलो तक घटे हैं जिससे आम लोगों को राहत मिली है.

हाल ही में प्रधानमंत्री ने ख़ुद मूल्य वृद्धि पर उच्चस्तरीय बैठक की थी जिसमें उन्होंने कृत्रिम तौर पर दाम बढ़ाने के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने को कहा था.

उससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार की उस बयान की काफी आलोचना हुई थी जिसमें उन्होंने कहा था कि वे ज्योतिषी नहीं हैं और चीनी के दाम कब घटेंगे ये नहीं बता सकते.

लेकिन अब उनके रुख़ में बदलाव आया है. सोमवार को उन्होंने कहा, "जो कुछ क़दम उठाए गए उससे चीनी के दाम में अंतर पड़ा है. थोक भाव घटे हैं. दस-पंद्रह दिनों में खुदरा भाव भी नीचे आएंगे."

पिछले वर्ष गन्ना उत्पादन में आई भारी कमी के कारण भारत में चीनी के दाम आसमान छूने लगे थे.

भारत के घरेलू बाज़ार में हर साल 220 लाख टन चीनी की माँग रहती है. लेकिन इस सीज़न में 150 लाख टन ही उत्पादन हुआ है.

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