चीन की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटी

चीन
Image caption चीन का कहना है कि वह आर्थिक मंदी से उबर गया है

चीन ने आर्थिक वृद्धि के दोबारा पटरी पर आने की घोषणा की है.

चीन का कहना है कि पिछले साल की अंतिम तिमाही में उसकी आर्थिक वृद्धि दर 10.7 फ़ीसदी रही. जबकि पूरे साल अर्थव्यवस्था 8.7 फ़ीसदी की दर से बढ़ी.

इसके पहले चीन ने घोषणा की थी कि 2008 के अंत और 2009 की शुरूआत में उसे वैश्विक आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ा, लेकिन उसके सामने अन्य देशों जैसा संकट नहीं उत्पन्न हुआ था.

चीन का कहना है कि आर्थिक पैकेज ने अर्थव्यवस्था के उबरने में मदद की.

विशेषज्ञों का मानना है कि अब चीन ने जापान को पीछे छोड़ दिया है और अमरीका के बाद वह दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है.

हालांकि उनका कहना है कि मुद्राओं में उतार चढ़ाव के कारण दोनों देशों की तुलना करना मुश्किल है.

कुछ विशेषज्ञ चीन के आंकड़ों की सत्यता पर भी सवाल उठाते हैं.

उल्लेखनीय है कि जापान अपनी विकास दर के आंकड़े अगले महीने घोषित करने वाला है. उसकी विकास दर 2009 में छह फ़ीसदी रहने की उम्मीद है.

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में चीन का निर्यात बढ़ने की भी उम्मीद है.

चीन की सरकार खुदरा बाज़ार में भी प्रगति लाने के लिए कोशिश कर रही है.

ग़ौरतलब है कि हाल में चीन की सरकार ने कहा था वो मौजूदा वित्तीय और मौद्रिक प्रोत्साहन को जारी रखेगी.

विश्व बैंक

इधर विश्व बैंक ने कहा है कि दुनिया आर्थिक संकट के बाद आए मंदी के दौर से उबर रही है.

विश्व बैंक ने अपने वार्षिक आर्थिक आकलन में ये बात कही है.

बैंक ने इस साल दुनिया की औसत सालाना विकास दर 2.7 फ़ीसदी रहने का आकलन किया है.

उसका कहना है कि इस साल के अंत में विकास दर में कमी आ सकती है क्योंकि तब तक विशेष आर्थिक सहायता पैकेज का असर समाप्त हो जाएगा.

विश्व बैंक का कहना है कि विकासशील देशों को निवेश के लिए वित्तीय संकट का सामना करना पड़ सकता है.

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