ओबामा की बैंकों के लिए नए नियमों की योजना

Image caption ओबामा ने कहा कि बैंकिंग प्रणाली वित्तीय संकंट के समय के नियमों के तहत ही काम कर रही है

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बड़े बैंकों की गतिविधियों की सीमाएँ निर्धारित करने के लिए महत्वपूर्ण नए नियमों का प्रस्ताव रखा है.

उनकी इस घोषणा के बाद न्यूयॉर्क का डाओ जोंस सूचकांक दो प्रतिशत गिरा है. जेपी मॉर्गन चेज़ और बैंक और अमेरिका के शेयर भी गिरे हैं.

भविष्य में किसी भी तरह के वित्तीय संकट को रोकने के मक़सद से राष्ट्रपति ओबामा ने बैंकों के फैले हुए व्यवसाय को सीमित करने और वित्तीय जोखिम उठाने की क्षमता को घटाने के लिए प्रस्ताव रखे हैं.

उनका कहना है कि जिन बैंकों को करदाताओं के पैसे से बचाया गया है, उन्हें अनावश्यक जोखिम मोल नहीं लेना चाहिए.

उन्होंने कहा है कि नियमों में जिन खामियों का फ़ायदा उठाकर बैंक अपने मुनाफ़े के लिए जोखिम भरी वित्तीय सौदेबाज़ी करते हैं, उन्हें ख़त्म किया जाएगा.

'अतीत में ले जा रहे हैं'

राष्ट्रपति ओबामा का कहना था, "अब अमरीकी करदाता को दोबारा कभी बड़े-बड़े बैंकों पर आश्रित नहीं होना पड़ेगा, जिनके बारे में माना जाता है कि वे डूब नहीं सकते."

उन्होंने कहा, "चाहे एक साल पहले के मुकाबले में वित्तीय प्रणाली काफ़ी मज़बूत हुई है लेकिन अभी भी वो उन्हीं नियमों के मुताबिक चल रही है जिनके तहत वो लगभग ढेर हो गई थी."

बीबीसी संवाददाता के अनुसार ओबामा की घोषणा का मतलब है कि अमरीका के कुछ बड़े बैंकों जैसे - जेपी मॉर्गन चेज़ और बैंक ऑफ़ अमेरिका को छोटे बैंकों में तोड़ना पड़ सकता है.

उधर बैंक उद्योग ने संकेत दिए हैं कि जो राष्ट्रपति ओबामा करने जा रहे हैं उससे अमरीका फिर अतीत में चला जाएगा.

वॉल स्ट्रीट पर बड़ी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले फ़ाइनेन्शियल सर्विसिज़ राउंडटेबल ने कहा है, "इसका बेहतर जवाब होता कि बैंकिंग उद्योग की नियामक प्रणाली को आधुनिक बनाया जाए, न कि उद्योग और अर्थव्यवस्था को 1930 के दशक में ले जाया जाए."

ग़ौरतलब है कि राष्ट्रपति ओबामा ने ये सुझाव सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के स्कॉट ब्राउन की जीत के बाद दिया है.

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