फ़ाइजर की नज़र भारतीय कंपनी पर

फाइजर
Image caption भारत में दवा बाज़ार एक लाख करोड़ रूपए का है.

दुनिया की सबसे बड़ी दवा कंपनियों में से एक फ़ाइजर ने भारत में अपने कारोबार को बढ़ाने के प्रयास तेज़ करने के संकेत दिए हैं.

कंपनी बिक्री के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी दवा कंपनी है लेकिन भारतीय बाज़ार में इसका स्थान काफी पीछे है.

फ़ाइजर के दक्षिण एशिया विभाग के चेयरमैन गैरी बकार्रो ने हरियाणा के करनाल में कहा कि उनका पहला लक्ष्य भारतीय बाज़ार में कारोबार कर रही पाँच बड़ी दवा कंपनियों में शुमार होना है.

उन्होंने कहा, "ऐसी संभावना है कि अगले दे वर्षों में दवा के विश्व बाज़ार में भारत तीसरे स्थान पर होगा. हमारी रणनीति यहां के बाज़ार में आगे निकलने का है."

बकार्रो का कहना है कि उनकी कंपनी भारत में प्रसार के लिए किसी अन्य कंपनी के साथ रणनीतिक साझीदारी पर भी विचार कर रही है.

हालांकि उन्होंने किसी कंपनी का नाम नहीं लिया.

भारत में दवा बाज़ार का आकार लगभग एक लाख करोड़ रूपए का है और सिप्ला, रैनबैक्सी और जीएसके अग्रणी खिलाड़ी हैं.

संबंधित समाचार