दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक

दावोस
Image caption माना जा रहा है कि इस बार दावोस में माहौल पिछले साल की तरह गमगीन नहीं होगा

विश्व आर्थिक मंच की बैठक बुधवार को स्विट्ज़रलैंड के दावोस शहर में शुरु होने जा रही है.

इसमें दुनिया के आर्थिक मामलों के जानकार, कई देशों के प्रमुख, बड़े बैंकों और कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर्थिक संकट के हल के लिए कोई रास्ता तलाशने की कोशिश करेंगे.

दुनिया में छाए आर्थिक संकट के एक साल के बाद ये बैठक हो रही है.

इसमें बैंकिंग प्रणाली में सुधार पर तीखी बहस हो सकती है.

दुनिया में आर्थिक संकट की शुरुआत बैंकों के दिवाला पिटने से हुई थी.

एक साल पहले दावोस में माहौल गमगीन था और ज्यादातर बैंकों के आला अधिकारियों ने इससे किनारा कर लिया था. लेकिन एक साल बाद माहौल थोड़ा हल्का है.

आर्थिक और राजनीतिक प्रश्न

ग़ौरतलब है कि आर्थिक संकट के कारण कई कंपनियों का अस्तित्व ही समाप्त हो गया है और कई कंपनियों का या तो राष्ट्रीयकरण हो गया है या फिर उन्हें सरकारी सहायता देकर उबारना पड़ा है.

दावोस की बैठक में आर्थिक प्रश्नों की चर्चा के साथ-साथ राजनीतिक सवालों को भी परखा जाता है.

इस बैठक में अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन हेती को मदद की अपील कर सकते हैं.

ऐसा माना जा रहा है कि कई देश आर्थिक तूफ़ान से पार पा गए हैं और अब स्थिति का आकलन करने और उससे सबक लेने का वक्त है.

लेकिन दावोस के आयोजकों का कहना है कि बहुत अधिक उत्साहित होने की ज़रूरत नहीं है.

विश्व आर्थिक मंच के संस्थापक क्लॉस श्वाब का कहना है कि अब कमाई की ओर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है और सामाजिक मुद्दों की चर्चा कम हो रही है.

यही वजह है कि बिल क्लिंटन को हेती के बारे में अपील की अनुमति दी गई है.

इस सम्मेलन के सामने अहम सवाल यह रहेगा कि राजनेता और अधिकारी मिलकर दुनिया भर के व्यावसायियों से किस तरह तालमेल बिठाते हैं.

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