श्रीलंका को कारोबार में झटका

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Image caption यूरोपीय संघ के फ़ैसले से श्रीलंका का वस्त्र उद्योग प्रभावित होगा

यूरोपीय संघ ने कहा है कि उसने श्रीलंका के मानवाधिकार के ख़राब रिकॉर्ड को देखते हुए उसे व्यापार में प्राथमिकता देने पर रोक लगा दी है.

इस फ़ैसले से श्रीलंका के वस्त्र उद्योग को भारी झटका लग सकता है क्योंकि प्राथमिकता की छूट का भारी फ़ायदा उसे हासिल होता है.

यूरोपीय संघ ने ये फ़ैसला लंबी जाँच के बाद किया है जिसमें उसने पाया कि श्रीलंका अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों पर खरा नहीं उतरा है.

इसका अर्थ है कि प्राथमिकता के आधार पर मिलने वाली 135 मिलियन डॉलर की छूट अस्थाई रूप से छह महीने के लिए वापस ले ली जाएगी.

यूरोपीय संघ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उम्मीद जताई कि श्रीलंका के अधिकारी आगामी महीनों में बातचीत करेंगे और देश के मानवाधिकारों में कमियों को सुधारेंगे.

श्रीलंका के वस्त्र उद्योग को इससे सबसे अधिक नुक़सान होगा क्योंकि वह यूरोप में प्रमुख बड़े स्टोर्स को वस्त्र बेच कर इन पर लाभों का फ़ायदा उठाता है.

अब तक श्रीलंका यूरोपीय संघ की जाँच में सहयोग करने से इनकार करता आया है. उसका आरोप है कि यूरोपीय संघ दोहरे मापदंड अपनाता है.

यूरोपीय संघ का ये निर्णय ऐसे समय आया है जब श्रीलंका सरकार पर पिछले साल तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ चलाए अभियान के दौरान युद्धापराधों की निष्पक्ष जांच का दबाव बढ़ता जा रहा है.

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