'अमरीका तब तक सफल नहीं, जब तक भारत.....'

ओबामा
Image caption ओबामा अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के बारे में अमरीकियों को बार-बार आगाह कर रहे हैं

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लगातार दूसरे दिन कहा है कि उनका देश भारत, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है और तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक भारत जैसा देश अमरीका से अधिक संख्या में वैज्ञानिक और इंजीनियर बनाता रहता है.

समाचार एजेंसियों के अनुसार लास वेगस चेंबर ऑफ़ कमर्स को संबोधित करते हुए ओबामा ने कहा, "मैं यह राष्ट्र के नाम संबोधन में कह चुका हूँ और आज मैंने फिर अपने टाउन हॉल में दोहराया है. अन्य देश दूसरी जगह के लिए नहीं लड़ रहे हैं, वे खेल रहे हैं पहले स्थान के लिए...."

अमरीका में पर्यटन उद्योग की बात करते हुए उन्होंने कहा कि हर देश अपने पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है जबकि अमरीका पर्याप्त नहीं कर रहा है.

ओबामा का कहना था, "यह केवल एक उदाहरण है उस प्रतिस्पर्धा का जिसका हम हर क्षेत्र में सामना कर रहे हैं. यदि चीन 40 हाई-स्पीड रेल लाइनें बनाता है और हम एक बनाते हैं, तो हमारे पास भविष्य का आधारभूत ढांचा नहीं होगा. यदि भारत या दक्षिण कोरिया हमारे से अधिक संख्या में वैज्ञानिक और इंजीनियर बनाते हैं, तो हम सफल नहीं होंगे..."

'चीन, भारत इंतज़ार नहीं कर रहे..'

उनका कहना था, "इसलिए मैं उम्मीद करता हूँ कि हम सभी - डेमोक्रेट, रिपब्लिकन, सरकारी कर्मचारी और व्यावसायिक समुदाय के नेता इस बारे में एक गंभीर सोच और समान लक्ष्य अपने सामने रखकर चलें."

ओबामा ने कहा कि विश्व समुदाय का नेता होने के नाते अमरीका स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के बारे में पीछे नहीं छूट सकता जब भारत, चीन और जर्मनी तेज़ गति से विकास कर रहे हों.

अमरीकी राष्ट्रपति का कहना था, "हम ये जानते हैं कि जो भी स्वच्छ ऊर्जा की क्रांति का नेतृत्व करता है, वही 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करेगा...और हम इंतज़ार नहीं कर सकते....क्योंकि चीन इंतज़ार नहीं कर रहा...भारत इंतज़ार नहीं कर रहा...जर्मनी इंतज़ार नहीं कर रहा..."

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