लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर नज़र

एस्सार
Image caption एस्सार ग्रुप दूरसंचार के क्षेत्र में भी है

भारत का एस्सार ग्रुप लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हो सकता है. इस कदम से एस्सार ग्रुप निवेश के लिए तीन अरब पाउंड तक की राशि जुटा सकता है.

एस्सार ग्रुप अगर लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हो जाता है तो यह विदेशी स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने वाली अब तक की सबसे बड़ी भारतीय कंपनी होगी.

ख़बरें हैं कि एस्सार ग्रुप अपने कारोबार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है. एस्सार ग्रुप के हित तेल और गैस उत्पादन से लेकर इस्पात निर्माण एवं शिपिंग तक जुड़े हैं.

एस्सार ग्रुप ने इन अटकलों की पुष्टि या खंडन नहीं किया है.

ग्रुप ने एक बयान में कहा है, "वित्त जुटाने के लिए एस्सार ग्रुप हमेशा अलग-अलग विकल्पों की तलाश करता रहा है. लेकिन इस मामले में भविष्य की किसी योजना पर अभी तक कोई ख़ास निर्णय नहीं लिया गया है."

मदद

बयान में कहा गया है कि एस्सार ग्रुप वित्तीय परामर्श के साथ काम करता है.

ख़बरों के मुताबिक़ साझा सूचीबद्ध होने के लिए एस्सार ग्रुप ने जेपी मॉर्गन केज़ेनोव और डॉयचे बैंक की मदद ली है.

विश्लेषकों का कहना है कि एस्सार ग्रुप अपने विस्तार की योजनाओं के लिए धन जुटाना चाहता है.

अरबपति बंधु शशि और रवि रुइया एस्सार ग्रुप को चलाते हैं. एस्सार ग्रुप ब्रिटेन के वोडाफ़ोन ग्रुप का भारतीय साझेदार है. उनके पास वोडाफ़ोन एस्सार का स्वामित्व है.

वोडाफ़ोन एस्सार भारत का तीसरा सबसे बड़ा मोबाइल फ़ोन नेटवर्क है. एस्सार ग्रुप के पास भारत के कई बंदरगाहों का स्वामित्व भी है.

एस्सार ने हाल में घोषणा की थी कि उसने अमरीकी कोयला उत्पादक त्रिनिटी कोल पार्टनर्स को अमरीकी निजी शेयर समूह डिन्हाम कैपिटल से 60 करोड़ पाउंड में ख़रीदने के लिए एक समझौते पर दस्तख़त किया है.

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