चीन का निर्यात 46 फ़ीसदी

  • 11 मार्च 2010
चीन
Image caption हाल के दिनों में अमरीका और चीन के बीच तनाव बढ़ा है

पिछले वर्ष की तुलना में इस साल चीन में निर्यात 46 फ़ीसदी के आकड़े को छू लिया है.

बाज़ार के जानकारों को क़रीब 35 से 40 फ़ीसदी उछाल की उम्मीद थी, लेकिन ये उछाल उनके उम्मीद से बढ़कर हुई है.

इसे चीन सरकार पर युआन का मूल्य बढ़ाने के दवाब के रुप में देखा जा रहा है. क्योंकि चीन की मुद्रा के अवमूल्यन पर खास कर अमरीका शिकायत करता आया है.

क़रीब 18 महीने पहले चीन सरकार ने अपने निर्यातकों की मदद लिए अमरीकी डॉलर के मुक़ाबले युआन को बराबरी पर रखा था.

इससे अमरीका नाराज़ हो गया और कहा कि चीन सरकार ग़लत तरीक़े से युआन का अवमूल्यन कर रहा है.

अमरीका चीन से लगातार कहता आया है कि मुद्रा का सही बाज़ार मूल्य जानने के लिए इसे स्वतंत्र रुप से काम करने दें. इसमें कोई छेड़छाड़ ना करें.

अर्थशास्त्री रेन जियांफंग ने कहा है, “ये रिकवरी चीन सरकार को युआन के मूल्यांकन शुरू करने में बल प्रदान करेगी.”

हलांकि चीन के सेंट्रल बैंक के गवर्नर ज़्यो जियांचोन ने सरकार को सावधान रहने के लिए कहा है, क्योंकि विश्व की आर्थिक स्थिति अभी तक अनिश्चित है.

जानकारों का मानना है कि फरवरी माह में निर्यात में 46 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा बहुत ही अच्छा संकेत है.

पिछले महीने चीन के नए वर्ष के अवसर पर पूरे देश में पाँच दिनों के लिए कारखानें बंद थे. इसके बावजूद निर्यात में इज़ाफ़ा हुआ है.

रॉयल बैंक के सीनियर योजनाकार ब्रायन जैक्सन का कहना है, “पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पाँच दिन कम थे जो निर्यात के लिए काफ़ी प्रभावी है”

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार