ब्रिटेन में बनेगी बिजली से चलने वाली कार

निसान का लोगो
Image caption निसान इस परियोजना पर क़रीब 29 अरब रुपए का निवेश करेगी.

जापान की कार निर्माता कंपनी 'निसान' बिजली से चलने वाली अपनी नई कार 'लीफ़' को इंग्लैंड के संदरलैंड प्लांट में बनाएगी.

इस फ़ैक्ट्री में जब 2013 में इस कार का उत्पादन शुरू होगा तो इससे सैकड़ों लोगों की नौकरियाँ सुरक्षित रहेंगी.

'निसान' अपनी इलेक्ट्रिक कार की इस परियोजना पर क़रीब 29 अरब रुपए का निवेश करेगी.

परियोजना को ब्रिटेन की सरकार भी क़रीब 1 अरब 43 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद देगी. इसमें यूरोप का एक निवेश बैंक से क़रीब 15 अरब रुपए की मदद देगा.

पर्यावरण के अनुकूल

वहीं ब्रिटेन की प्रमुख कार निर्माता कंपनी फ़ोर्ड भी कम प्रदूषण वाले इंजनों के विकास पर सौ अरब रुपए से अधिक ख़र्च करने की योजना बना रही है.

ब्रिटेन सरकार ने इसमें क़रीब 24 अरब रुपए की लोन गारंटी का भरोसा दिया है.

फ़ोर्ड की इस योजना से एसेक्स के डंटन स्थित रिसर्च सेंटर और साउथ वेल्स के डेगेनहम, एसेक्स, साउथंपटन और ब्रिडजेंड में स्थित फ़ैक्टरियों में काम करने वाले क़रीब जो हज़ार आठ सौ लोगों की नौकरियाँ बनी रहेंगी.

दुनियाभर में फैले फोर्ड के इंजनों में से क़रीब एक चौथाई और डीज़ल इंजनों में से आधे का ब्रिटेन में ही बनते हैं.

ब्रिटेन सरकार के व्यापार सचिव लॉर्ड मैंडलसन ने कहा,''ब्रिटेन में अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में निवेश करने वाली फ़ोर्ड एक बड़ी कंपनी है. सरकार भी इस तरह के अनुसंधान को आर्थिक मदद देना चाहती है.''

'निसान' की संदरलैंड फ़ैक्ट्री में हर साल 50 हज़ार 'लीफ़' कारों का उत्पादन होगा जो पूरी तरह लिथियम बैटरी से चलेंगी.

कार्बन उत्सर्जन

'निसान' का कहना है कि 'लीफ़' दुनिया की पहली ऐसी कार होगी जो किफ़ायती होगी और इससे कार्बन का उत्सर्जन बिल्कुल नहीं होगा.

'निसान' के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एंडी पाल्मर ने कहा, ''कार की व्यवसायिक बिक्री इस साल के अंत में शुरू होगी. जापान और अमेरिका के बाद ब्रिटेन तीसरा ऐसा देश है जहाँ इस कार का उत्पादन होगा.''

'निसान' का संदरलैंड प्लांट ब्रिटेन का सबसे बड़ा कार कारख़ाना है जहाँ चार हज़ार लोग काम करते हैं और ब्रिटेन के कुल कार उत्पादन का एक तिहाई उत्पादन इसी प्लांट में होता है.

'लीफ़' के कीमत की जानकारी कंपनी ने अभी तक नहीं दी है.

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