भारत-अमरीका आर्थिक साझेदारी

  • 6 अप्रैल 2010
टिमोथी गेथनर- प्रणव मुखर्जी
Image caption भारत- अमरीका आर्थिक साझेदारी

भारत और अमरीका ने द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए मंगलवार को साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और भारत दौरे पर आए अमेरिकी वित्त मंत्री टिमोथी गेथनर ने ये हस्ताक्षर किए.

इस मौके पर भारत के वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि ये समझौता भारत अमरीका आर्थिक संबंधों में मील का पत्थर साबित होगा.

समझौते में मुख्य रूप से तीन बड़े क्षेत्रों की चर्चा की गई है जिनमें माइक्रोइकानामिक पालिसी, वित्तीय क्षेत्र और आधारभूत ढांचे का विकास शामिल हैं.

इस मौक़े पर वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा, "मुझे विश्वास है कि ये समझौता न सिर्फ हमारे आर्थिक हितों को लाभ पहुंचाएगा बल्कि ये हमारे द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत बनाने में भी मददगार साबित होगा."

प्रणव मुखर्जी का कहना था कि भारत और अमरिका लोकतंत्र, बाज़ार, अर्थव्यवस्था और बहुलवाद के समान मूल्यों से बंधे हुए हैं.

एक सवाल के जवाब में प्रणव मुखर्जी ने कहा कि अमरीका अगले पांच साल में भारत में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए छह सौ अरब अमरीकी डॉलर का निवेश करेगा.

इस मौक़े पर अमरीका के वित्त मंत्री टिमोथी गेथनर ने कहा कि साझेदारी से दोनों देशों में अधिक व्यापार, निवेश और रोज़गार निर्माण में सुविधा मिलेगी.

विश्वव्यापी आर्थिक मंदी से निपटने में भारत के प्रयासों की गेथनर ने जमकर प्रशंसा की और कहा कि भारत ने किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे पहले इस समस्या से छुटकारा पा लिया.

गेथनर ने कहा कि भारत ने हाल के दिनों में उल्लेखनीय प्रगति की है और ये उनता सौभाग्य है कि वो इस समझौते पर दस्तख़त कर रहे हैं.

इससे पहले प्रणब मुखर्जी ने टिमोथी गेथनर का परिचय देते हुए दिल्ली में बिताए गए उनके बचपन के दिनों का ज़िक्र किया.

ग़ौरतलब है कि टिमोथी गेथनर ने अपने बचपन के पांच साल दिल्ली के फ्रेंड्स कॉलोनी में बिताए थे. उस वक़्त उनके पिता फोर्ड कंपनी में अधिकारी थे. लेकिन वित्त मंत्री बनने के बाद गेथनर की ये पहली भारत यात्रा थी.

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