हड़ताल जारी,प्रबंधन से दोपहर को होगी बातचीत

  • 26 मई 2010

एयर इंडिया के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बुधवार को कई उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं. हालांकि मामले को सुलझाने के लिए प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच दोपहर को तीन बजे बातचीत होगी.

ख़बरों के मुताबिक कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय में करीब 76 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं जिसमें दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और बंगलौर की उड़ानें शामिल हैं.

उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और कई लोग हवाईअड्डों पर फँसे हुए हैं.

सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया के कई कर्मचारी मंगलवार को अचानक राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर चले गए थे.

ये कर्मचारी प्रबंधन के उस सर्कुलर का विरोध कर रहे हैं जिसमें यूनियन के नेताओं को अपनी मांगें सार्वजनिक नहीं करने को कहा गया है.

ये कर्मचारी ‘एयर कारपोरेशन एंप्लाईज यूनियन’ से जुड़े हैं. यूनियन के महासचिव जे कादयान ने बीबीसी से बातचत में कहा, "प्रबंधन ने एक गैग ऑर्डर जारी किया है जिसमें कहा गया है कि अगर यूनियन नेता मीडिया से बात करेंगे तो उनके ख़िलाफ़ क़दम उठाए जाएँगे. यूनियन के कुछ नेताओं के ख़िलाफ़ अनुशासनात्मक क़दम उठाए गए. ये हमारा लोकतांत्रिक हक है कि हम अपना मत रख सकें. इसके अलावा हमारा वेतन पिछले छह महीने से डेफ़र होता आ रहा है. पता नहीं कब मिलेगा. केबिन क्रू की भी बहुत कमी है. एक और मुद्दा है ग्राउंड हैंडलिंग का. हम चाहते हैं कि एयर इंडिया ये काम ख़ुद करे न कि कोई और. मृतक कर्मचारियों से जुड़ा मुद्दा भी है. पहले मृत कर्मचारियों के बच्चों को स्थाई कर्मचारी बनाया जाता था. अब बंद कर दिया गया है. "

कर्मचारियों की यूनियन ने 31 मई को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा कर रखी थी लेकिन इस सर्कुलर के बाद वे मंगलवार को ही हड़ताल पर चले गए.

मंगलवार को भी कई उड़ानें रद्द कर दी गई थीं या देह हुई थी. कहा जा रहा है कि अगर हड़ताल जारी रहो तो एयर इंडिया को आर्थिक नुकसान भुगतना पड़ सकता है.

एयर इंडिया के सीएमडी अरंविद जाधव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अनुशासन बहुत ज़रूरी है और अगर हड़ताल ख़त्म नहीं की गई तो कुछ कर्मचारियों को हटाया भी जा सकता है.

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