भारती ने ज़ेन के साथ क़रार पूरा किया

  • 8 जून 2010
भारती एअरटेल की टीम ज़ेन के साथ समझौते की घोषणा करते हुए
Image caption सुनील मित्तल भारती एअरटेल समूह के ग्रुप सीईओ अखिल गुप्ता और सयुंक्त प्रबंध निदेशक मनोज कोहली के साथ ज़ेन से पूरे हुए क़रार की घोषणा करते हुए.

भारती एयरटेल ने मंगलवार को कुवैत स्थित ज़ेन टेलीकॉम के अफ़्रीकी व्यवसाय को ख़रीदने का समझौता पूरा कर लिया है. 10.7 बिलियन अमरीकी डॉलर यानि क़रीब 48,000 करोड़ में किया गया ये किसी भी भारतीय कंपनी का टेलीकॉम के क्षेत्र में सबसे बड़ा अधिग्रहण है.

समझौता पूरा होने पर भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा, “हम भारत और भारती एयरटेल के लिए एक बड़े परिवर्तन वाला समझौता पूरा करके ख़ुश हैं. इस सौदे के बाद हमारी सयुंक्त आमदनी क़रीब 13 बिलियन अमरीकी डॉलर हो जाएगी.”

इसी वर्ष 30 मार्च को भारती ने ज़ेन टेलीकॉम के पंद्रह अफ़्रीकी देशों में स्थित व्यवसाय को ख़रीदने के लिए समझौता किया था. इस समझौते में ज़ेन टेलीक़ॉम का सूडान और मोरक्को का व्यवसाय शामिल नहीं है.

समझौता

Image caption कुवैत में जे़न टेलीकॉम के सीईओ नबील बिन सलमाह ने समझौते की घोषणा की.

समझौता पूरा होने का अर्थ है कि भारती ने सभी पंद्रह देशों की सरकारों और नियामक संस्थाओं से इस क़रार की मंज़ूरी ले ली है.

अब भारती विश्व में पांचवी सबसे बड़ी वायरलेस कंपनी बन गई है जिसके 18 देशों में क़रीब 18 करोड़ उपभोक्ता हैं.

इससे पहले भारती एयरटेल दो बार एक बड़ी दक्षिण अफ़्रीकी टेलीकॉम कंपनी एमटीएन के अधिग्रहण की कोशिशों में नाकाम रह चुकी है.

ज़ेन का अधिग्रहण टाटा के कोरस को ख़रीदने के बाद किसी भी भारतीय कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा अधिग्रहण है.

भारती टेलीकॉम अभी तक भारत से बाहर श्रीलंका, बांग्लादेश और सैशेल्स में ही मौजूद था लेकिन अब कंपनी अफ़्रीकी महाद्वीप में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करेगी.

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