'अर्थव्यवस्था में सुधार,चुनौतियाँ बरक़रार'

  • 5 जून 2010

जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों ने कहा है कि विश्व की अर्थव्यवस्था उम्मीद से जल्दी पटरी पर लौट रही है लेकिन ये भी माना कि हाल के दिनों में बाज़ारों में मची उथल-पुथल दर्शाती है कि चुनौतियाँ अब भी बरकरार हैं.

वित्त मंत्री कोरिया के शहर बुसान में मिल रहे हैं. भारत की ओर से प्रणब मुखर्जी बैठक में हिस्सा ले रहे हैं.

बैठक के दौरान इस बात पर सहमति हुई कि अत्यधिक बजट घाटे से तत्काल निपटना होगा. हालांकि बैंक कर के मुद्दे पर किसी तरह के समझौते का ज़िक्र नहीं किया गया.

बीबीसी संवाददाता जो लायनम का कहना है कि 2008 में आई आर्थिक मंदी के बाद औद्योगिक और विकासशील देशों के वित्त मंत्री और बैंकर अब मानते हैं कि अर्थव्यवस्था में उम्मीद से जल्दी सुधार हो रहा है.

लेकिन हाल के दिनों में कई देश आर्थिक संकट के चपेट में आए हैं-ख़ासकर यूरोपीय देश. इससे पता चलता है कि चुनौतियाँ बनी हुई हैं.

मंदी के दौरान सरकारों की ओर से दिए जाने वाले आर्थिक पैकेज को वापस लेने पर भी जी-20 की बैठक में चर्चा हुई.

बैंक कर पर सहमति नहीं

अब तक जी-20 में इसी बात पर ज़ोर दिया जा रहा था कि जब तक अर्थव्यवस्था पूरी तरह उबर नहीं जाती आर्थिक सहायता जारी रहनी चाहिए.

हालांकि बुसान में कई मुद्दों को लेकर मतभेद थे. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक कनाडा और ब्राज़ील के दवाब के कारण जी-20 देशों ने बैंक कर का सर्वसम्मति से समर्थन नहीं किया.

ज़्यादातर यूरोपीय देशों और अमरीका में ये टैक्स लागू होने वाला है.हालांकि बैठक में बैंक के पास रिज़र्व में कितना पैसा हो इसे लेकर कड़े निर्देश दिए जाने का संकेत दिया गया है.

शुक्रवार को इस ख़बरे के आने से बाज़ारों में खलबली मच गई थी कि अमरीका में पिछले महीने लोगों को उम्मीद से कम नौकरियाँ मिलीं.

डाउ जोन्स में तीन फ़ीसदी की गिरावट देखी गई. वहीं यूरोपीय बाजा़रों में भी गिरावट आई.

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