गूगल ऑस्ट्रेलिया में जाँच के घेरे में

  • 6 जून 2010
गूगल का कैमरा
Image caption गूगल पर आरोप है कि उसने अपने कैमरों से लोगों के घरों की वायरलेस सूचनाएँ इकट्ठा कीं

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने इंटरनेट कंपनी गूगल के ख़िलाफ़ दूरसंचार क़ानूनों के संभावित उल्लंघनों के बारे में पुलिस जाँच करवाने के आदेश दिए हैं.

ऑस्ट्रेलिया में लोगों ने गूगल की स्ट्रीट व्यू सेवा को लेकर शिकायतें की थीं जिसमें कैमरों से ली गई असल तस्वीरों से बने नक्शे को इंटरनेट पर प्रकाशित किया जाता है.

ये तस्वीरें गूगल का गाड़ियों पर रखे गए कैमरों से ली जाती हैं और ऑस्ट्रेलिया में इन कैमरों से लोगों के घरो में इस्तेमाल होनेवाली निजी वायरलेस जानकारियों का संग्रह किया जा रहा था जिसे लेकर लोगों ने आपत्ति जताई है.

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने इसी मुद्दे को लेकर गूगल पर गोपनीयता क़ानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया है.

उसने पिछले महीने इस घटना को 'गोपनीयता के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा संभावित उल्लंघन' क़रार दिया है.

माफ़ी और संदेह

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अब पुलिस को जाँच करने और ये पता लगाने का आदेश दिया है कि क्या इस घटना को लेकर गूगल के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज हो सकता है.

गूगल ने कहा है कि ये आँकड़े ग़लती से जमा हो गए. कंपनी ने इसके लिए माफ़ी भी माँगी है.

लेकिन गूगल ने साथ ही ऐसे भी संकेत दिए हैं कि इस घटना के पीछे ऑस्ट्रेलिया सरकार की कंपनी से बदले की मंशा भी एक कारण है.

दरअसल ऑस्ट्रेलिया सरकार अवैध सामग्रियों को रोकने के लिए इंटरनेट पर एक फ़िल्टर लगाना चाहती है जिसका गूगल कड़ा विरोध कर रहा है.

गूगल का कहना है कि इस फ़िल्टर से इंटरनेट की रफ़्तार धीमी हो जाएगी और क़ानूनसम्मत सामग्रियाँ भी फ़िल्टर से छँट जाएँगी.

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