चीनी घोषणा से शेयर बाज़ार में उछाल

Image caption युआन पर चीन की नीति से शेयर बाज़ारों और एशियाई मुद्राओं में उछाल आया

चीन के केंद्रीय बैंक की युआन के बारे में दी गई टिप्पणी के बाद आज शेयर बाज़ारों और एशियाई मुद्राओं में उछाल आया.

हॉंग कॉंग के हंग सेंग शेयर बाज़ार का सूचकांक 3.1 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ जबकि जापान के निके सूचकांक में 2.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.

शनिवार को चीनी प्रशासन ने अपनी मुद्रा युआन की विनिमय दर को अधिक लचीला बनाने की घोषणा की थी.

लेकिन युआन के मूल्य में बदलाव से इंकार किया था.

चीन के केंद्रीय बैंक का कहना है कि चीन अपनी मुद्रा को स्थिर रखना चाहता है इसलिए उसका तुरंत पुनर्मूल्यांकन नहीं किया जाएगा.

इस महीने जी 20 देशों की शिखर बैठक होने वाली है और ये डर था कि कहीं चीन और अमरीका के बीच व्यापार युद्ध न छिड़ जाए. लेकिन अब लगता है चीन के उदार रवैय्ये से यह ठंडा पड़ गया है.

युआन की क़ीमत

बाज़ारों को उम्मीद है कि पिछले दो सालों से युआन और डॉलर के बीच जो अवलम्ब बना हुआ है उसे चीन तोड़ेगा.

चीन का केंद्रीय बैंक हर रोज़ डॉलर के मुक़ाबले विनिमय दर तय करता है.

सोमवार को यह विनिमय दर वही रही जो शुक्रवार को थी. जो इस बात का संकेत है कि चीन युआन का मूल्य जल्दी में नहीं बढ़ाएगा.

चीन में स्टेन्डर्ड चार्टर्ड बैंक के प्रमुख स्टीवन ग्रीन को आशा है कि चीन का केंद्रीय बैंक अगले 12 महीनों में युआन का मूल्य 2-3 प्रतिशत बढ़ाएगा.

इससे अन्य एशियाई देशों को चीन के निर्यात के साथ मुक़ाबला करने में आसानी होगी.

चीन पर अपनी मुद्रा का मूल्य बढ़ाने का काफ़ी दबाव पड़ा है विशेष रूप से अमरीका और भारत की ओर से.

अमरीकी कांग्रेस के कई नेता लगातार ये कहते रहे हैं कि युआन की क़ीमत कृत्रिम रूप से कम रखने का लाभ चीन को होता है, और उसका बुरा असर अमरीका की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है.

अमरीकी नेताओं का ये भी कहना है कि चीन ने अपने निर्यातकों को फ़ायदा पहुंचाने के लिए जानबूझकर युआन की क़ीमत कम कर रखी है.

संबंधित समाचार