वर्ष 2013 तक घाटा कम करने पर सहमति

जी-20 देशों के नेता आर्थिक विकास की रफ़्तार कम किए बगैर राष्ट्रीय बजट घाटा कम करने पर सहमत हो गए हैं.

जी-20 सम्मेलन में मेज़बान देश कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफ़न हार्पर ने कहा है कि गुट के सबसे अमीर देशों को अपना घाटा तीन साल के अंदर आधा कर देना चाहिए.

हालांकि स्टीफ़न हार्पर का कहना था कि विकास के लिए आर्थिक मदद की योजनाएँ जारी रहनी भी ज़रूरी हैं. उन्होंने कहा है कि बैंक कर लागू करने का फ़ैसला हर देश को अपने स्तर पर लेना होगा.

दो दिन तक चली जी-20 देशों की बातचीत के बाद नेताओं ने कहा है कि आर्थिक विकास को और तेज़ी देना उनकी पहली प्राथमिकता है.

संवाददाताओं का कहना है कि सम्मेलन से पहले ही जी-20 के ज़्यादातर देश इस बात के लिए वचनबद्ध थे कि वो घाटा कम करेंगे.

मतभेद

बजट घाटे में किस तेज़ी से कमी लाई जाए इसे लेकर सदस्य देशों में मतभेद थे.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बड़े स्तर पर बजट घाटे में कटौती पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि इससे विश्व की विकास दर पर असर पड़ेगा.

अमरीका के विरोध के बावजूद ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी समेत कई यूरोपीय देश पहले से ही बजट घाटा कम करने की दिशा में क़दम उठा चुके हैं.

वहीं अर्जेंटीना और ब्राज़ील जैसे विकासशील देशों की चिंता है कि अमीर देशों में बजट कटौती से उनके जैसी अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ेगा जो मुख्यत निर्यात पर निर्भर करती हैं.

ब्राज़ील के वित्त मंत्री ने कहा है कि अगर विकसित देशों में बजट कटौती होती है तो ये बहुत बुरा होगा क्योंकि ऐसे में विकास को बढ़ावा देने के बजाय देश वित्तीय घाटे पर काबू रखने पर ज़्यादा ध्यान देंगे.

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