रतन टाटा के उत्तराधिकारी की दौड़ तेज़

  • 7 अगस्त 2010
रतन टाटा
Image caption टाटा ग्रुप की दुनिया में 98 कंपनियाँ हैं

भारत के एक सबसे पुराने और बड़े औद्योगिक समूह टाटा ग्रुप ने कहा है कि वह 75-वर्षीय चेयरमैन रतन टाटा के उत्तराधिकारी की खोज कर रहा है.

टाटा ग्रुप के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पाँच सदस्यों के एक पेनल को मार्च 2011 तक रतन टाटा का उत्तराधिकारी चुनने की ज़िम्मेदारी दी गई है.

ख़ुद रतन टाटा ने पिछले साल अमरीकी पत्रिका वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में कहा था, "मेरे बाद टाटा समूह की कमान कौन संभालेगा, हम इसे तय करने की प्रक्रिया में हैं. इसमें कुछ विदेशी सलाहकारों की मदद ली जा रही है और खोज जारी है."

विशालकाय समूह, अटकलों का बाज़ार गर्म

टाटा ग्रुप सूचना तकनीकी से लेकर ऊर्जा, चाय, ऑटोमोबाइल, स्टील समेत अनेक क्षेत्रों में सक्रिय है और उसकी लगभग 98 कंपनियाँ हैं.

इस ग्रुप के उत्पादों की वार्षिक ब्रिक्री लगभग 71 अरब डॉलर है.

रतन टाटा ने वर्ष 1991 में टाटा ग्रुप के चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाला था और माना जाता है कि वे 2012 में अपना पद छोड़ देंगे.

टाटा सन्स के एक निदेशक का कहना था कि उत्तराधिकारी का चयन रतन टाटा के पद से हटने से काफ़ी पहले हो जाएगा ताकि उनके चेयरमैन के पद से हटने के बाद अगला चेयरमैन बिना अड़चन काम संभाल ले.

समाचार एजेंसी ने निदेशक आरके कृष्ण कुमार के हवाले से कहा, "हम अगले साल फ़रवरी-मार्च तक किसी तरह के फ़ैसले पर पहुँचने का प्रयास कर रहे हैं. हम तब तक नाम की घोषणा कर देंगे."

मीडिया में इस बात को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगला चेयरमैन टाटा परिवार से ही होगा या फिर टाटा समूह में मौजूद वरिष्ठ पद संभालने वाला टाटा परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति होगा.

रतन टाटा इस ग्रुप और विशेष तौर पर टाटा स्टील के संस्थापक जमशेदजी टाटा के पड़-पोते हैं.

अगले चेयरमैन के लिए मीडिया में जिन नामों पर चर्चा हो रही है उनमें रतन टाटा के क़रीबी रिश्तेदार नोएल टाटा, वोडाफ़ोन के पूर्व चेयरमैन अरुण सरीन, बॉम्बे डाइंग के चेयरमैन नुसली वाडिया शामिल हैं. हालाँकि आधिकारिक तौर पर टाटा ग्रुप ने इस दौड़ में शामिल किसी भी व्यक्ति के नाम की न तो पुष्टि की है न खंडन किया है.

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