अमरीका 2020 तक 80 लाख स्नातक तैयार करे: ओबामा

  • 10 अगस्त 2010
ओबामा
Image caption ओबामा ने कहा कि 2020 तक 80 लाख स्नातक तैयार करने हैं

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमरीकी अर्थव्यवस्था और शिक्षा प्रणाली पर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त करते हुए कहा है कि उनका देश बीजिंग से लेकर बंगलौर तक से प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है.

टेक्सास विश्वविद्यालय में एक भाषण के दौरान अमरीकी अर्थव्यवस्था को देश की शिक्षा प्रणाली से जोड़ते हुए ओबामा ने कहा 'शिक्षा एक आर्थिक मुद्दा है, शिक्षा हमारे समय का सबसे अहम आर्थिक मुद्दा है.'

अर्थव्यवस्था के बारे में उनका कहना था कि 'मेड इन अमेरिका' अर्थव्यवस्था का मूल मंत्र है लेकिन इसके लिए शिक्षा के क्षेत्र में अमरीका को 2020 तक 80 लाख स्नातक तैयार करने हैं.

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा, "अर्थव्यवस्था का मूल मंत्र तीन शब्दों में है - मेड इन अमेरिका. हम विश्व में द्वितीय स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा में नहीं हैं. हम यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका हैं...हम अभूतपूर्व प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं. बीजिंग से लेकर बंगलौर तक और सेयोल से लेकर साँ पाओलो तक नए उद्योग खुल रहे हैं और अविष्कार हो रहे हैं. प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है."

ओबामा ने कहा शिक्षा आर्थिक मुद्दा तब बन जाती है जब वो लोग जो कॉलेज नहीं गए, उनकी बेरोज़गारी की दर दो गुना हो जाती है. उनका कहना था कि आने वाले दिनों में हर दस नई नौकरियों में से आठ नौकरियों के लिए उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण की ज़रूरत होगी.

बराक ओबामा ने अमरीकी अर्थव्यवस्था के बारे में कहा, "मैंने अगले पाँच साल में देश के निर्यात दो गुना करने की बात कही है. साथ ही अक्षय ऊर्जा की क्षमता को दो गुना करने की ज़रूरत है. मैं ये भी चाहता हूँ कि वर्ष 2020 तक अमरीका किसी भी देश के मुकाबले में सबसे अधिक - 80 लाख स्नातक तैयार करे. एक ही पीढ़ी में हम इस क्षेत्र में पहले स्थान से 12वें स्थान पर पहुँच गए हैं...ये स्वीकार्य नहीं है...लेकिन इस स्थिति में संशोधन हो सकता है."

ओबामा का कहना था कि पिछले पाँच साल में छात्रों का कर्ज़ 25 प्रतिशत बढ़ा है. उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने कर्ज़ लेकर पढ़ाई की थी इसलिए वे छात्रों और पढ़ाई के तत्काल बाद काम की शुरुआत करने वाले लोगों की दिक्कतें जानते हैं.

उन्होंने घोषणा की कि अगले दस साल में बैंकों और आर्थिक संस्थानों को दी जाने वाली 60 अरब डॉलर की सब्सिडी छात्रों को दी जाएगी ताकि 80 लाख छात्र उच्च शिक्षा का आर्थिक बोझ उठा सकें.