जापान अर्थव्यवस्था की रफ़्तार धीमी पड़ी

Image caption जापान में घरेलू मांग में भी कमी आई है

ताज़ा सरकारी आंकड़ों के अनुसार जापान की अर्थव्यवस्था कमज़ोर हुई है.

इस साल अप्रैल से जून के बीच जापान के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में केवल 0.1 फ़ीसदी की वृद्धि हुई जो उम्मीद से काफ़ी कम है.

इसका मतलब है कि चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है.

चीन की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है जबकि पिछले दो दशकों से जापान की अर्थव्यवस्था की विकास दर लगभग स्थिर है.

हालांकि 2011 की शुरुआत के आंकड़े आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो पाएगी.

यहाँ तक कि इसी अवधि में जर्मनी और अमरीका की विकास दर बेहतर रही है. इस दौरान जर्मनी की विकास दर 2.2 फ़ीसदी और अमरीका की 2.4 फ़ीसदी रही है.

धीमी गति

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जापान सबसे संपन्न देशों में से एक है लेकिन पिछले कई वर्षों से उसकी अर्थव्यवस्था गति धीमी रही है.

विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार इस सदी के पहले आठ वर्षों में जापान की अर्थव्यवस्था पाँच फ़ीसदी की दर से बढ़ी जबकि इस दौरान चीन की अर्थव्यवस्था में 261 फ़ीसदी की तेज़ी देखी गई.

संवाददाता का कहना है कि जापान मुख्य रूप से निर्यात पर निर्भर करता है लेकिन समस्या ये है कि येन महंगा हो गया है जिसके कारण जापान कम प्रतिस्पर्धी हो गया है.

ताज़ा आंकड़ों के अनुसार जून में जापान का निर्यात बढ़ा लेकिन धीमी गति से. इसके कारण उसकी अर्थव्यवस्था के वापस मज़बूत होने पर सवाल खड़े हो गए हैं.

साथ ही जापान में घरेलू मांग कमज़ोर है जिससे अर्थव्यवस्था के उबरने में मुश्किलें आ रही हैं.

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