बीपी पर जानकारी न देने का आरोप

मैक्सिको की खाड़ी
Image caption तेल रिसाव की वजह से बीपी को रिकॉर्ड घाटा हुआ है

ब्रितानी तेल कंपनी बीपी पर आरोप लगाया गया है कि वह मैक्सिको की खाड़ी में हुए तेल रिसाव की जाँच के लिए कई अहम आंकड़े छिपा रही है.

जिस तेल के कुँए से रिसाव हो रहा था वह ट्रांसओशियन कंपनी की है. इस कंपनी ने आरोप लगाया है कि बीपी विस्फोट से जुड़ी जानकारियाँ उपलब्ध नहीं करवा रही है.

ट्रांसओशियन कंपनी के वकील ने यह आरोप एक पत्र में लगाया है, जिसे उन्होंने राष्ट्रपति बराक ओबामा के मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और कई प्रमुख संसद सदस्यों को भेजा है.

बीपी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि पत्र में भ्रमित करने वाली जानकारियाँ हैं.

लेकिन इन आरोपों के बाद बीपी पर दबाव और बढ़ने के आसार पैदा हो गए हैं.

गत 20 अप्रैल को मैक्सिको की खाड़ी में तेल के कुँए में हुए विस्फोट के बाद से बीपी को राजनीतिज्ञों और जनता दोनों की निंदा का सामना करना पड़ रहा है. इस विस्फोट में 11 कर्मचारी मारे गए थे और इसके बाद खाड़ी में अमरीकी इतिहास का सबसे बड़ा तेल रिसाव हुआ.

ट्रांसओशियन के वकील स्टीवन एल रॉबर्ट्स ने लिखा है, "मूलभूत जानकारियाँ उपलब्ध करवाने के लिए बीपी हालांकि इनकार नहीं कर रही है लेकिन वह लगातार अनिच्छा दिखा रही है."

वकील ने अपने पत्र में लिखा है कि एक ओर तो बीपी कहती रही है कि वह एक खुले और निष्पक्ष जाँच के लिए प्रतिबद्ध है दूसरी ओर वह सारे सबूतों को छिपाकर रखना चाहती है जिससे कि बीपी के अलावा कोई और जाँच न कर सके.

ट्रांसओशियन कंपनी पर इस त्रासदी के मुआवज़े के 249 मुक़दमे दर्ज किए गए हैं. कंपनी ने अदालत से कहा है कि चूंकि वह इसके लिए ज़िम्मेदार नहीं है इसलिए उसके लिए मुआवज़ा देने की सीमा को 2.7 करोड़ डॉलर तक सीमित रखा जाए.

निराश

दूसरी ओर बीपी ने कहा है कि कंपनी भी यह जानने के लिए प्रतिबद्ध है कि समुद्र की गहराई में जो विस्फोट हुआ उसकी वजह क्या थी.

कंपनी के प्रवक्ता ने कहा है, "हम इस बात से निराश हैं कि बीपी ने पत्र लिखने का विकल्प चुना और उसमें कई भ्रामक सूचनाएँ दीं और यह भी कहा कि बीपी जानकारियाँ नहीं दे रही है."

बीपी ने कहा है कि वह अमरीकी सरकार की ओर से शुरु किए गए विभिन्न जाँचों में सहयोग कर रही है.

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