भारत का सबसे बड़ा आईपीओ

कोयला

सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का 15 हज़ार करोड़ रुपए का विशाल सार्वजनिक निर्गम सोमवार को खुला है.

ये इश्यू खुलने के एक घंटे के अंदर नौ फ़ीसदी सब्सक्राइब हो गया.

इसे भारतीय कॉरपोरेट जगत का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) माना जा रहा है.

इसके पहले जनवरी, 2008 में अनिल अंबानी की रिलायंस पॉवर का 11700 करोड़ रुपए का बड़ा निर्गम आया था.

कोल इंडिया के आईपीओ के लिए मूल्य दायरा 225 से 245 रुपए प्रति शेयर रखा गया है.

बाज़ार विश्लेषकों को इस आईपीओ से काफ़ी उम्मीदें हैं. उनका मानना है कि ये आईपीओ खुदरा निवेशकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहेगा. आईपीओ सोमवार को खुलकर 21 अक्तूबर को बंद होगा.

तरलता पर असर

विश्लेषकों का कहना है कि ये इश्यू न केवल प्राथमिक बाज़ार के लिए महत्वपूर्ण होगा बल्कि द्वितीय बाज़ार के भागीदारों की निगाह भी इस पर होगी.

जानकारों का मानना है कि इससे बाजार में तरलता पर भी असर पड़ेगा.

शुक्रवार को शेयर बाज़ार में जोरदार बिकवाली से सेंसेक्स नीचे आ गया था, जानकारों का कहना है कि दरअसल निवेशकों ने कोल इंडिया के इश्यू में पैसा लगाने के लिए अन्य शेयरों की बिकवाली की थी.

कोल इंडिया के आईपीओ के तहत सरकार अपनी 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने जा रही है.

सरकार को भी इस आईपीओ से काफ़ी उम्मीदें हैं क्योंकि विनिवेश के जरिए चालू वित्त वर्ष में 40 हज़ार करोड़ रुपए का लक्ष्य हासिल करने के लिए ये आईपीओ मददगार साबित हो सकता है.

कोल इंडिया के अनुसार उसका कोयले का भंडार लगभग साढ़े छह हज़ार करोड़ टन है. इस लिहाज से ये दुनिया की कोयले की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है.

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